TMBU में बाढ़ का खतरा गहराया, लालबाग प्रोफेसर कॉलोनी और महिला छात्रावास में घुसा पानी, छात्राएं घर लौटीं

भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) परिसर में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। लालबाग प्रोफेसर कॉलोनी और पीजी महिला छात्रावास के निचले हिस्सों में पानी घुस गया है, जिससे शिक्षकों और छात्राओं के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है।

TMBU Flood News: भागलपुर में गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने अब तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) परिसर की चिंता बढ़ा दी है. बुधवार को विश्वविद्यालय के पीछे खेती वाली जमीन से होते हुए बाढ़ का पानी लालबाग प्रोफेसर कॉलोनी और पीजी महिला छात्रावास के निचले हिस्से तक पहुंच गया. पानी तेजी से फैल रहा है. हालात ऐसे हैं कि अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो विश्वविद्यालय परिसर के अंदर भी बाढ़ का पानी पहुंच सकता है.

बाढ़ के बढ़ते खतरे का असर अब विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं पर दिखाई देने लगा है. महिला छात्रावास में रहने वाली दो दर्जन से अधिक छात्राएं पानी बढ़ने के डर से घर लौट चुकी हैं. वहीं लालबाग प्रोफेसर कॉलोनी में रहने वाले करीब 70 परिवारों के सामने भी अब सुरक्षित स्थान पर जाने की चिंता खड़ी हो गयी है.

विश्वविद्यालय के पीछे डेढ़ फीट ऊपर पहुंचा पानी

बुधवार को टीएमबीयू के पीछे स्थित खेती वाली जमीन में बाढ़ का पानी तेजी से फैलता दिखाई दिया. बताया गया कि यहां जमीन से करीब डेढ़ फीट ऊपर पानी बह रहा है. पानी का फैलाव लगातार जारी है.

विश्वविद्यालय प्रशासन को आशंका है कि यदि गंगा के जलस्तर में इसी तरह वृद्धि होती रही तो बाढ़ का पानी जल्द ही कैंपस के अंदर पहुंच सकता है. इसे देखते हुए विश्वविद्यालय के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित शाखाओं की फाइलों को सुरक्षित स्थान पर रखने की तैयारी शुरू कर दी गयी है.

ऐसे में सबसे बड़ी चिंता विश्वविद्यालय के निचले हिस्सों में स्थित कार्यालयों और सामान को लेकर है. पानी परिसर में पहुंचने पर शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो सकता है.

70 परिवारों पर मंडराने लगा घर में पानी घुसने का खतरा

लालबाग प्रोफेसर कॉलोनी में रहने वाले शिक्षकों और उनके परिवारों की परेशानी भी बढ़ गयी है. कॉलोनी में करीब 70 परिवार रहते हैं. पानी जिस तेजी से बढ़ रहा है, उससे लोगों को घरों में पानी घुसने की चिंता सताने लगी है.

कॉलोनी के शिक्षकों के अनुसार पूर्व प्रॉक्टर प्रो. रतन मंडल के सरकारी आवास के कैंपस में पानी तेजी से फैल रहा है. पश्चिम दिशा में स्थित शिक्षकों के आवासीय कैंपस में भी जमीन से करीब डेढ़ फीट ऊपर पानी पहुंच गया है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी का बहाव तेज रहा और जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही तो अगले दो से चार दिनों में घरों के अंदर भी पानी पहुंच सकता है.

सरकारी आवास छोड़ किराये के मकान की तैयारी

बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रोफेसर कॉलोनी में रहने वाले कुछ शिक्षक और उनके परिवार वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने लगे हैं. कई परिवार कॉलोनी से बाहर किराये के मकान में जाने की तैयारी कर रहे हैं.

लोगों की चिंता केवल घर तक पानी पहुंचने की नहीं है. पानी बढ़ने के साथ बिजली, आवागमन, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं. यही वजह है कि लोग पहले से सुरक्षित स्थान तलाश रहे हैं.

महिला छात्रावास से घर लौटने लगीं छात्राएं

पीजी महिला छात्रावास के निचले हिस्से में भी बाढ़ का पानी भरने लगा है. छात्राओं के मुताबिक पानी लगातार बढ़ रहा है और कभी भी हॉस्टल परिसर के अंदर पहुंच सकता है.

बाढ़ के खतरे को देखते हुए दो दर्जन से अधिक छात्राएं अपने घर लौट गयी हैं. छात्राओं का कहना है कि अगर पानी हॉस्टल के अंदर पहुंच गया तो रहना मुश्किल हो जायेगा. ऐसे में उन्होंने स्थिति बिगड़ने से पहले ही घर जाने का फैसला किया.

महिला छात्रावास में पानी का बढ़ना विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि बड़ी संख्या में छात्राएं यहां रहकर पढ़ाई करती हैं.

दियारा के लोग भी टीएमबीयू परिसर में पहुंचने लगे

गंगा की बाढ़ का असर दियारा क्षेत्र के गांवों में भी गंभीर हो गया है. बिंद टोला और शंकरपुर दियारा समेत कई गांवों में पानी प्रवेश कर गया है. दियारा से विस्थापित लोग अब सुरक्षित स्थान की तलाश में टीएमबीयू की ओर पहुंचने लगे हैं.

विश्वविद्यालय के टिल्हाकोठी स्थित खाली परिसर में दियारा से आये लोग बांस-बल्ला लगाकर रहने की तैयारी कर रहे हैं. उनका कहना है कि गांवों में पानी काफी बढ़ गया है और जमीन से करीब तीन फीट ऊपर पानी बह रहा है.

इससे विश्वविद्यालय परिसर के सामने एक और चुनौती खड़ी हो गयी है. एक ओर कैंपस और आवासीय इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच रहा है, वहीं दूसरी ओर विस्थापित परिवार भी सुरक्षित जगह की तलाश में विश्वविद्यालय परिसर के आसपास पहुंच रहे हैं.

TMBU Flood News: जलस्तर बढ़ा तो बढ़ेगी मुश्किल

फिलहाल सबसे ज्यादा नजर गंगा के जलस्तर पर है. पानी की रफ्तार और जलस्तर में वृद्धि जारी रही तो टीएमबीयू परिसर, प्रोफेसर कॉलोनी और महिला छात्रावास में स्थिति और गंभीर हो सकती है.

ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने जरूरी दस्तावेजों और सामान को सुरक्षित रखने के साथ छात्राओं और शिक्षकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखने की चुनौती है. वहीं दियारा से आने वाले प्रभावित परिवारों के लिए भी प्रशासन को राहत और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करनी होगी.

टीएमबीयू में अभी पानी निचले हिस्सों तक पहुंचा है, लेकिन लगातार बढ़ता जलस्तर संकेत दे रहा है कि आने वाले दो-चार दिन विश्वविद्यालय और आसपास के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं.

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लेखक के बारे में

By दीपक कुमार राव

दीपक कुमार राव प्रिंट माध्यम में 18 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 वर्षों से एक्टिव हैं. प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, कला-संस्कृति व सामाजिक कार्य में रुचि रखते हैं.

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