ऋषव मिश्रा कृष्णा, भागलपुर
साइबर ठग इन दिनों लोगों की बेरोजगारी को टारगेट करते हुए मोटी रकम की ठगी रहे हैं. सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर घर बैठे आठ सौ रुपये रोजाना कमाई का सब्जबाग दिखाया जा रहा है. भागलपुर में भी इस तरह के कई मामले सामने आये हैं. जिसमें साइबर अपराधियों ने टेलीग्राम और व्हाट्स एप के माध्यम से लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं. भागलपुर पुलिस इस तरह के क्राइम को लेकर लगातार आमलोगों को सतर्क कर रही है.
इस तरह साइबर ठग घर बैठे कमाई का झांसा दे कर उड़ा लेते हैं मोटी रकम
टेलीग्राम और व्हाटस एप के माध्यम से साइबर ठग लोगों को पार्ट टाइम या फूल टाइम घर बैठे काम देने का झांसा देते हैं. साइबर ठग 800 रुपये रोजाना कमाई देने का सब्जबाग दिखाते हैं. लुभावना विज्ञापन देखने के बाद आकर्षित व्यक्ति को किसी होटल की रेटिंग करने, वीडियो देखने, सोशल मीडिया पेज को लाइक करने, मैसेज को ग्रुप में फारवर्ड या शेयर करने का काम दिया जाता है. कई बार वे प्रोफेशनल लॉजिस्टिक्स, पेआउट स्लिप या स्क्रीनशॉट दिखाकर इसे विश्वसनीय बना देते हैं. शुरुआती समय में साइबर ठग पैसे भी देते हैं. जब ठगों को लगता है कि टारगेट पूरी तरह से जाल में फंस चुका है तो उसे बताया जाता है कि आप और ज्यादा पैसे कमा सकते हो. इस दौरान होटल की पार्टनरशिप दिलाने, जैकपॉट लग जाने, कंपनी में महत्वपूर्ण पद और मोटी सैलरी दिये जाने जैसे भी प्रलोभन दिये जाते हैं. जिसके लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर मोटी रकम की मांग की जाती है. रकम लेने के बाद साइबर ठग ढूंढने से भी नहीं मिलते हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि साइबर ठग पहले ही सभी प्रकार की वित्तीय जानकारी ले लेता है और टारगेट को सिर्फ अपने खाते में पैसे रखने के लिए बोला जाता है. खाते में पैसे रखते ही साइबर ठग रकम की अवैध निकासी कर लेते हैं.चेतावनी और सुझाव
घर बैठे कमाई का लालच जितना आकर्षक दिखे, उतना ही खतरनाक हो सकता है. किसी भी तरह के पेआउट या इन्वेस्टमेंट के लिए पहले वास्तविक प्रमाणीकरण, रिव्यू और उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रिया जरूर देखें. छोटे भुगतान को सफलता की गारंटी समझना भारी पड़ सकता है. सतर्कता और थोड़ी सी जांच आपको बड़ी ठगी से बचा सकती है.बिना ठगी के शिकार हुए भी आप कर सकते हैं शिकायत
साइबर पुलिस के अनुसार अगर सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म पर आपको इस तरह के लुभावने विज्ञापन देखते को मिले और आपको ऐसा लगे कि यह साइबर ठगी का प्रयास है तो आप सीधे 1930 पर कॉल कर या फिर अपने नजदीकी साइबर थाने में शिकायत कर सकते हैं.कहते हैं साइबर डीएसपी
भागलपुर साइबर डीएसपी कनिष्क श्रीवास्तव ने बताया कि लालच और भय साइबर ठगों का सबसे बड़ा हथियार होता है. इसी हथियार से वे किसी को भी अपना शिकार बनाते हैं. इसलिए सतर्क रहें. सोशल मीडिया पर कोई लालच दे या भय दिखा कर दोहन करने का प्रयास करे तो सूचना तुरंत पुलिस को दें.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
