भागलपुर समाहरणालय को बम से उड़ाने की धमकी ईमेल से मिलने के बाद मंगलवार को पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया. धमकी की सूचना प्रशासनिक महकमे में फैलते ही समाहरणालय के बाहर अफरा-तफरी की स्थिति बन गयी. मुख्य गेट को बंद कर आम लोगों के लिए नो इंट्री लगा दी गयी. विभिन्न कार्यालयों के कर्मियों और पदाधिकारियों को अंदर जाने और आने दिया गया. दूसरी तरफ एसएसपी प्रमोद कुमार के निर्देशन में बम निरोधक दस्ता, श्वान दस्ता, विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को समाहरणालय परिसर के अंदर सक्रिय किया गया. पुलिस की अलग-अलग टीमों ने परिसर के चप्पे चप्पे की तलाशी ली. दोपहर बाद पुलिस यह कहने की स्थिति में आ गयी थी कि इस बार भी ई मेल से दी गयी धमकी पूरी तरह से फर्जी निकली है. सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने भी इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. वहीं सिटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी समाहरणालय परिसर में घंटों कैंप करते दिखे. जानकारी मिली है कि जिलाधिकारी के ई मेल पर अज्ञात अपराधियों ने धमकी दी थी. धमकी का अंदाज पुराना ही था. मालूम हो कि पिछले माह 28 जनवरी और इसी माह नौ फरवरी को ठीक इसी अंदाज में भागलपुर व्यवहार न्यायालय को उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है. दोनों बार की धमकी पूरी तरह से फर्जी निकली है. दिन भर समाहरणालय परिसर में आवाजाही पर लगी रोक, बड़ी संख्या में आम लोग हुए प्रभावित मंगलवार को समाहरणालय परिसर में ग्राम कचहरी के सचिवों का प्रशिक्षण होना था. ग्राम कचहरी सचिव संघ के जिलाध्यक्ष कैलाश प्रसाद शर्मा ने कहा कि पूरे जिले के सचिव समय से भागलपुर पहुंच गये थे. लेकिन मुख्य गेट पर नो इंट्री लगा है. बड़ी संख्या में सचिव घंटों मुख्य गेट पर आगे के निर्देश के इंतजार में थे. सचिव अभिषेक कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण स्थगित हो जाने की स्थिति में उनलोगों को सूचित किया जाना चाहिए था. आशा देवी चार अन्य महिलाओं के साथ लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत तारीख पर आयी थी. आशा देवी ने कहा कि गेट पर इंट्री नहीं रहने के कारण उनलोगों को लौटना पड़ रहा है. दिन भर कई तरह की शिकायत ले कर दूर दराज से आने वाले लोग भी मायूस हो कर लौटते रहे. हाल में कब-कब दी गयी बम से उड़ाने की धमकी 28 जनवरी 2026: ईमेल के जरिए भागलपुर सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गयी, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ा दी गयी थी. 9 फरवरी 2026: महज 11 दिन के भीतर दोबारा धमकी मिली, जिसमें जज के चैंबर और वॉशरूम में आडीएक्स होने का दावा किया गया. 17 फरवरी 2026: धमकी में कलेक्ट्रेट और अदालत परिसर को निशाना बनाया गया, जिससे हड़कंप मच गया. कोट धमकी के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जांच की गयी. ईमेल पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक था. साइबर थाने में मामले की प्राथमिकी दर्ज कर सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान किया जा रहा है. शैलेंद्र सिंह, सिटी एसपी, भागलपुर
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भागलपुर समाहरणालय को बम से उड़ाने की धमकी ईमेल से मिलने के बाद मंगलवार को पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया.
