Bhagalpur news कहलगांव में चार घंटे लगा रहा जाम, दुकानदार व राहगीर परेशान

सीबीएसई परीक्षा के प्रथम दिन ही जाम से कहलगांव शहर की हालत खराब रही. पूरा शहर लगभग चार घटे जाम की चपेट में रहा

सीबीएसई परीक्षा के प्रथम दिन ही जाम से कहलगांव शहर की हालत खराब रही. पूरा शहर लगभग चार घटे जाम की चपेट में रहा. दिन के 12 से संघ्या चार बजे तक पूरा शहर जाम था. इस दौरान पुलिस बल शहर के किसी भी चौक चौराहों पर नजर नहीं आया. कहलगांव, त्रिमुहान, घोघा, आमापुर, शाहपुर, गोलसड़क, शंकरपुर, लैलख, ममलखा मसाढु तक एनएच-80 शुक्रवार की पूरी रात्रि व शनिवार की सुबह नौ बजे तक जाम की चपेट में रहा. छोटी गाड़ियों के चालक व सवार लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. जाम का सबसे बडा कारण ऑटो व टोटो का कहलगांव सड़क के बीचोबीच लगा कर सवारी बैठाना है. इसके अलावा छाई लदे भारी वाहनों का परिचालन कराना. नों इंट्री का पालन नहीं करना. दो थाना रसलपुर और कहलगांव के बीच गाड़ियों के परिचालन को लेकर सामंजस नहीं होना जाम का बड़ा कारण है. राख लदे वाहनों के परिचालन के दौरान मानक के अनुसार राख को ढक कर नही चलाने को लेकर सडक पर राख के गिरना व वाहनों के गुजरने पर राख व धूल के उड़ने से लोगों, दुकानदारों का जीना मुहाल कर दिया है. स्थानीय दुकानदारों ने एसडीओ अशोक कुमार मंडल से शिकायत कर जाम हटवाने तथा उड़ते राख को लेकर सडक पर पानी के छिड़काव करवाने का आग्रह किया है. एसडीओ ने संवेदक को बोल कर पानी के छिड़काव कराने का आश्वासन दिये. स्थानीय पुलिस को कह कर जाम हटवाने का आदेश दिया.

वीडियो वायरल होने पर डाॅ आनंद मोहन का तबादला व मामला दर्ज

कहलगांव अनुमंडलीय अस्पताल के डाॅ आनंद मोहन का आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इस्माइलपुर तबादला कर दिया गया है. सिविल सर्जन के जारी आदेश पत्र में लिखा गया है कि डाॅ आनंद मोहन के वायरल वीडियो की खबर प्रमुखता के साथ समाचार पत्र में छपने के बाद विभाग की छवि खराब हुई है. उन पर विभागीय जांच का आदेश दिया गया है, वहीं शनिवार को अनुमंडल अस्पताल कहलगांव के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ पवन कुमार गुप्ता ने कहलगांव थाना में आवेदन देकर डॉ आनंद मोहन पर शराब के नशे में अस्पताल में आकर अभद्र भाषा का प्रयोग करने सहित कई आरोप लगा कर मामला दर्ज करने का आवेदन दिया है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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