bhagalpur news. फिर फर्जी निकली ईमेल से कोर्ट को उड़ा देने की धमकी, आरडीएक्स रखे होने की दी थी सूचना

कोर्ट को उड़ाने की धमकी फिर फर्जी निकली.

– रिमोट से ही बलास्ट कर देने की दी गयी धमकी, मची अफरा – तफरी, दिन भर बाधित रहा न्यायिक कार्य- कोर्ट में नो इंट्री पर अधिवक्ताओं में रोष, कहा कर्मी आ रहे हैं सिर्फ अधिवक्ताओं को सड़क पर कर दिया खड़ा

फिर से सोमवार को भागलपुर कोर्ट को उड़ा देने की तीन ईमेल के जरिये मिली धमकी फर्जी निकली. धमकी मिलने के बाद परिसर में अफरा – तफरी का माहौल रहा. देखते ही देखते कोर्ट परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. बम निरोधक और श्वान दस्ते की मदद से कोर्ट परिसर के चप्पे चप्पे की तलाशी ली गयी. पुलिस ने कोर्ट परिसर के सभी प्रवेश द्वार को बंद कर सुरक्षा बलों की तैनाती करते हुए अधिवक्ता सहित आमलोगों की एंट्री पर रोक लगा दी. जिसके कारण दिन में कई बार अधिवक्ताओं और पुलिस कर्मियों के बीच बाताबाती भी हुई. जानकारी मिली है कि ईमेल में कहा गया था कोर्ट चेंबर और बाथरूम में आरडीएक्स रखा गया है. रिमोट से ब्लास्ट करने की बात कही गयी थी. धमकी का अंदाज पुराना ही था. इससे पहले 28 जनवरी को भी ठीक इसी अंदाज में कोर्ट में उड़ाने की धमकी मिली थी. दोनों बार धमकी फर्जी साबित होने के बाद पुलिस ने न्यायालय प्रशासन को सर्टिफिकेट भी दिया है.

एंट्री नहीं मिलने पर अधिवक्ताओं ने किया विरोध

व्यवहार न्यायालय परिसर में एंट्री नहीं मिलने पर व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ताओं ने विरोध दर्ज कराया है. जिला विधिज्ञ संघ के महासचिव अंजनी कुमार ने कहा कि 28 जनवरी से अब तक पुलिस अपराधियों का पता नहीं लगा सकी है. जिसके कारण दोबारा धमकी दे कर व्यवस्था को प्रभावित किया गया. उन्होंने कहा कि कोर्ट कर्मी और न्यायालय के पदाधिकारियों को परिसर में एंट्री दी जाती रही, लेकिन अधिवक्ताओं को बाहर ही खड़ा कर दिया गया , यह आपत्तिजनक है.

एसएसपी बोले, केस दर्ज, जांच जारी

एसएसपी प्रमोद कुमार ने प्रेस वार्ता में कहा कि धमकी पूरी तरह से झूठी और भ्रामक थी. सुरक्षा एजेंसियों की जांच पूरी होने के बाद कोर्ट की कार्रवाई नियमित कर दी गयी है. प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गयी है. पुलिस आरोपितों का पहुंचने का प्रयास कर रही है. पिछली धमकी के बाद से ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. माइक्रोसाफ्ट व अन्य कंपनियों से भी आईपी एड्रेस मांगा गया है. साक्ष्य नहीं आया है. एसएसपी ने कहा कि ईमेल में जिक्र किये गये आईएसआई संगठनों या अन्य संगठनों से इस तरह की धमकी आने के फैक्ट नहीं मिले हैं. कोर्ट की सुरक्षा बढ़ायी गयी है. निरंतर सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग की जा रही है. जांच जारी है कि जो भी व्यक्ति या संगठन इसके पीछे जिम्मेदार होगा, कार्रवाई की जाएगी.

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