पिछले साल इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज कार्यकारिणी समिति सदस्य के चुनाव के बाद आये परिणाम पर हुए विवाद में विपक्षी के तीन सदस्यों पर आरोप तय कर उन्हें बर्खास्त किया गया था. बर्खास्त सदस्य न्यायालय की शरण में गये. न्यायालय ने सदस्यता को पुनर्बहाल का आदेश दिया. लोकतांत्रिक पारदर्शिता व विश्वसनीयता को बरकरार रखने को कहा. विपक्ष के वरीय सदस्य पदम जैन ने कहा कि न्यायालय का आदेश है कि आवेदकों की सदस्यता बहाल हो. वहीं वर्तमान अध्यक्ष शरद सलारपुरिया ने कहा कि कोर्ट के आदेश का सम्मान होगा. शनिवार को विपक्ष के तीन बर्खास्त सदस्य पदम जैन, अभिषेक डालमिया व अभिषेक जैन ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के वर्ष 2025–28 के सदस्यों से निलंबन से संबंधित विवाद को लेकर महत्वपूर्ण आदेश पारित किया. बताया कि सदस्यता निलंबन से संबंधित निर्णयों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया. अनुशासनात्मक कार्रवाई में उचित कारण बताओ नोटिस एवं सुनवाई का अवसर प्रदान नहीं किया गया. इसमें कहा गया कि चेंबर के संविधान के अनुसार आवेदकगण के आजीवन सदस्य की सदस्यता निलंबन की कार्रवाई अनुचित है. आवेदकगण अभिषेक कुमार जैन, अभिषेक डालमिया एवं पदम कुमार जैन की सदस्यता को पुनर्बहाल किया गया. तीनों सदस्यों ने इधर मांग की कि संस्था की गरिमा, सदस्यों के विश्वास व लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक है. इसलिए अध्यक्ष और महामंत्री को अपना इस्तीफा दे देना चाहिए. कहते हैं वर्तमान अध्यक्ष इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष शरद सलारपुरिया ने कहा कि तीन सदस्यों को पिछली कमेटी ने बर्खास्त किया था. न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए वर्किंग कमेटी निर्णय लेगी.
bhagalpur news. न्यायालय का आदेश है आवेदकों की सदस्यता बहाल हो: पदम जैन, कोर्ट के आदेश का होगा सम्मान : अध्यक्ष

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इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज कार्यकारिणी समिति सदस्य के चुनाव के बाद तीन सदस्यों को बर्खास्त किया गया था. बर्खास्त सदस्य न्यायालय की शरण में गये. न्यायालय ने सदस्यता को पुनर्बहाल का आदेश दिया.