गोपालपुर से विपिन ठाकुर की रिपोर्ट : बिहार सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल लागू किया गया है. इसके तहत शिक्षकों को विद्यालय पहुंचने और विद्यालय छोड़ने का समय ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य किया गया है. लेकिन कुछ शिक्षक इस व्यवस्था में भी हेरफेर करने की कोशिश कर रहे हैं. अब विभाग की सख्त मॉनिटरिंग में ऐसे मामलों का खुलासा होने लगा है.
पीरपैंती के शिक्षक पर समय दर्ज नहीं करने का आरोप
भागलपुर जिला शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) के पत्र के अनुसार, पीरपैंती प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय आमापुर में कार्यरत विशिष्ट शिक्षक विकास कुमार की मई 2026 की उपस्थिति रिपोर्ट में गंभीर अनियमितता पाई गई है. जांच में सामने आया कि 17 दिनों की उपस्थिति में उन्होंने 15 दिन विद्यालय छोड़ने का समय पोर्टल पर दर्ज ही नहीं किया.
‘ऑफिस वर्क’ दिखाकर स्कूल से गायब रहने का आरोप
दूसरा मामला इस्माईलपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर (मुस्लिम टोला) के विशिष्ट शिक्षक कृष्णकांत कुमार से जुड़ा है. विभाग द्वारा जारी पत्रांक 3250 दिनांक 23 मई 2026 में बताया गया कि शिक्षक ने अप्रैल और मई माह की उपस्थिति रिपोर्ट में गड़बड़ी की है.लगातार तीन दिनों तक दिखाया ऑफिस वर्क
जांच में पाया गया कि शिक्षक ने 22 अप्रैल को सुबह 9:55 बजे, 23 अप्रैल को 9:30 बजे और 24 अप्रैल को 9:24 बजे विद्यालय पहुंचने का समय दर्ज किया, लेकिन विद्यालय से निकलने के समय वाले कॉलम में “ऑफिस वर्क” अंकित कर दिया. विभाग का आरोप है कि इस तरीके से विद्यालय से अनुपस्थित रहने को छिपाने का प्रयास किया गया.
देर से उपस्थिति दर्ज करने का भी मामला
मई माह की रिपोर्ट में भी कई गड़बड़ियां सामने आईं. विभाग के अनुसार, शिक्षक ने 5 मई को सुबह 7:17 बजे और 7 मई को 7:21 बजे उपस्थिति दर्ज की, जिसे निर्धारित समय के अनुसार विलंब माना गया है. विभाग ने इसे मनमानी और गुमराह करने की कोशिश बताया है.24 घंटे में मांगा गया जवाब
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने दोनों शिक्षकों को निर्देश दिया है कि पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण उपलब्ध कराएं. विभाग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.
