गोपालपुर. क्वालिटी कंट्रोल के अधीक्षण अभियंता ने कटाव निरोधक कार्यों का निरीक्षण किया. नवगछिया अनुमंडल के इस्माईलपुर-बिंद टोली के बीच गंगा नदी में पिछले वर्ष गंगा नदी के कटाव से क्षतिग्रस्त स्परों व तटबंधों की मरम्मत कार्य जल संसाधन विभाग बिहार सरकार ने शुरू किया है. कार्यों में गुणवत्ता बनी रहे इसके लिए विभाग के क्वालिटी कंट्रोल के अधीक्षण अभियंता इं अभिषेक कुमार किशोर व कार्यपालक अभियंता अपने कनीय अभियंता के साथ स्पर संख्या के डाउन स्ट्रीम में कराये जा रहे कार्य का निरीक्षण किया. उन्होंने स्पर संख्या 6 एन व इसके अप में तटबंंध पर चल रहे कार्य को देखा और आवश्यक निर्देश दिया. उन्होंने बताया कि पत्थर का जो मानक है उस मानक के अनुकूल ही वायर गेवियन में लगना चाहिए. 42 से 55 किलो के बीच के साइज का ही पत्थर लगाने को कहा. उन्होंने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि कार्य की प्रगति काफी धीमी है. कार्य में तेजी लाने को कहा. इस वर्ष इसमाईलपुर- बिंदटोली के बीच स्पर संख्या 6 एन व 6 एन के अप में तटबंध के टूटे हिस्से के लगभग 110 मीटर में बोल्डर पिचिंग कार्य किया जा रहा है. स्पर संख्या छह एन के नोज पर भी कार्य 50 मीटर के आसपास करवाया जा रहा है. नवगछिया बाढ़ नियंत्रण प्रमंंडल कार्यालय के कार्यपालक अभियंता इंजीनियर ने बताया कि इस बार स्पर संख्या आठ व नौ के बीच पत्थर स्लोपिंग का कार्य चल रहा है. इस महीना तक कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है.
चहक का उद्देश्य बच्चों को विद्यालय से जोड़ना
नारायणपुर प्रखंड संसाधन केंद्र बीरबन्ना के ज्ञान भवन में एकदिवसीय गैर आवासीय चहक प्रशिक्षण सह कार्यशाला मंगलवार को संपन्न हुई. बीइओ शमी अहमद ने दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण शुरू कराया. कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण, गुरु वंदना, प्रार्थना, अभियान गीत, सुविचार, प्रेरक प्रसंग व राष्ट्रगान के साथ की गयी. शिक्षा अधिकारी ने कार्यक्रम के संबंध में कहा कि चहक एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य बच्चों को विद्यालय से जोड़ना है. कक्षा एक में आने वाले बच्चों का विद्यालय में ठहराव सुनिश्चित हो और वह बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान के लिए तैयार हो जाएं. यही चहक कार्यक्रम का उद्देश्य है. प्रशिक्षक रवि कांत शास्त्री व लीना भारती ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुसार बिहार में स्थानीय परिवेश को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार के विद्या प्रवेश मॉड्यूल की तर्ज पर चहक नाम से एक मॉड्यूल विकसित किया गया है., जिसका उद्देश्य विद्यालय की तैयारी में बच्चों को विद्यालय में मिलने वाले अनुभवों और शिक्षा को सुदृढ़ कराना है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
