Bhagalpur news सुलतानगंज-अगुवानी गंगा ब्रिज ने पकड़ी रफ्तार

गंगा नदी पर निर्माणाधीन फोरलेन ब्रिज अब निर्णायक चरण में पहुंच रहा है. निर्माण एजेंसी ने काम की रफ्तार बढ़ा दी है और मई के अंत तक वेलकैप कटिंग पूरा करने का लक्ष्य है.

गंगा नदी पर निर्माणाधीन फोरलेन ब्रिज अब निर्णायक चरण में पहुंच रहा है. निर्माण एजेंसी ने काम की रफ्तार बढ़ा दी है और मई के अंत तक वेलकैप कटिंग पूरा करने का लक्ष्य है. बरसात शुरू होने से पहले पिलर (पाया) निर्माण को गति देने की योजना है. प्रोजेक्ट मैनेजर रविशंकर सिंह के अनुसार वर्तमान में वेलकैप कटिंग तेजी से चल रहा है. सरिया बांधकर पाया निर्माण का काम शुरू कर दिया जायेगा. नये डिजाइन में पाया संख्या 2-3 और 4-5 के बीच तीन अतिरिक्त पिलर बनने हैं, जिसका संशोधित डिजाइन 10 मई तक मिलने की संभावना है. ब्रिज के साथ-साथ एप्रोच पथ का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. एप्रोच रोड का कार्य जल्द पूरा होने के बाद मुख्य पुल निर्माण में तेजी आयेगी, जिससे निर्धारित समय सीमा में परियोजना पूरी होगी.

ब्रिज पर टिकी लोगों की उम्मीद, बढ़ा दबाव

भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के बंद होने के बाद क्षेत्र में आवागमन का दबाव बढ़ गया है. ऐसे में सुलतानगंज गंगा ब्रिज को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ गयी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह पुल चालू हो गया होता, तो आवागमन की समस्या से राहत मिल जाती. फिलहाल एनएच-80 और सुलतानगंज-अगुवानी घाट के बीच नाव परिचालन पर दबाव है. गंगा के बीच चल रहे इस प्रोजेक्ट में जहां एक ओर तकनीकी चुनौतियां हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा भी प्राथमिकता बनी हुई है. निर्माण एजेंसी का दावा है कि तकनीक, सतर्कता और तेज रफ्तार के समन्वय से इस महत्वाकांक्षी पुल को समय पर पूरा करने की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. मई के अंत तक तय लक्ष्य पूरे होते हैं, तो बरसात के बाद पुल निर्माण को गति मिल सकती है. भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर आवागमन प्रभावित होने से इस निर्माणाधीन पुल की अहमियत बढ़ गयी है. एनएच-80 पर दबाव बढ़ा है और सुलतानगंज-अगुवानी घाट के बीच नावों का सहारा लेने वालों की संख्या बढ़ी है.

गुणवत्ता और समय दोनों पर फोकस

2015 में शिलान्यास के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तीन बड़े हादसों से झटका लगा, जिससे निर्माण कार्य ठप रहा. कंपनी का कहना है कि अब निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किये बिना समय सीमा पर फोकस किया जा रहा है. आवश्यक तकनीकी कदम उठाये जा रहे हैं, ताकि परियोजना को समय के भीतर पूरा किया जा सके. पुल के चालू होते ही उत्तर और दक्षिण बिहार का सीधा संपर्क स्थापित होगा. यात्रा समय घटेगा, व्यापार को गति मिलेगी और क्षेत्रीय विकास होगा. डॉल्फिन पार्क से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है. यह पुल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि विकास का नया द्वार साबित होगा.

मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण, दिये दिशा-निर्देश

सुलतानगंज. सीएम सम्राट चौधरी ने मंगलवार को अगुवानी–सुलतानगंज के बीच गंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल का हवाई सर्वेक्षण किया. उन्होंने पाया संख्या 10 तक का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुलतानगंज में विशेष तैयारी की गयी थी. पुल निर्माण निगम की ओर से कार्यस्थल पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक इंतजाम किये गये थे. निरीक्षण में अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाये रखने और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया गया.

सुलतानगंज–अगुवानी गंगा ब्रिज परियोजना

निर्माण एजेंसी : एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनीकुल लागत : 17.1077 करोड़

पुल निर्माण अपडेट : क्षतिग्रस्त हिस्से का री-कंस्ट्रक्शन.विलंब के कारण▪ 30 अप्रैल 2022▪ 5 जून 2023▪ 17 अगस्त 2024(तीन बड़ी घटनाओं से कार्य प्रभावित).

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By JITENDRA TOMAR

JITENDRA TOMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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