bhagalpur news. दारोगा के पिता की खुदकुशी मामले की एसएसपी ने की जांच

मोजाहिदपुर के दिनेश्वर धाम मंदिर दाल मिल निवासी आरा में पदस्थापित दारोगा सुमन कुमार के पिता निरंजन मंडल की आत्महत्या मामले की जांच एसएसपी भागलपुर हृदयकांत ने की.

मोजाहिदपुर के दिनेश्वर धाम मंदिर दाल मिल निवासी आरा में पदस्थापित दारोगा सुमन कुमार के पिता निरंजन मंडल की आत्महत्या मामले की जांच एसएसपी भागलपुर हृदयकांत ने की. उन्होंने घटना स्थल पर पहुंच कर छानबीन की. परिजनों से भी घटना के संदर्भ में पूछताछ की है. इधर घटना के बाद परिजन शोकाकुल हैं. परिजनों द्वारा अब तक मामले में आवेदन नहीं दिया गया है.

पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सुपुर्द किया शवरविवार को दोपहर तक मोजाहिदपुर पुलिस ने निरंजन मंडल के शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया था. परिजनों ने बरारी गंगा घाट पर दाह संस्कार किया है. मृतक के पुत्र आरा में पदस्थापित दारोगा सुमन कुमार ने बताया कि चचेरे चाचा की शादी भागलपुर में ही हुई थी. इसके बाद घर के लोग गोड्डा गये हुए थे. वे भी शादी में शामिल हुए थे. गुरुवार को वे अपने पिता से मिले भी थे. घर में वे अकेले ही थे. सब कुछ सामान्य था. उसने पिता से खैरियत ली. फिर आरा के लिए रवाना हो गये थे. सुमन कुमार ने बताया कि सब कुछ सामान्य चल रहा था. समझ से बाहर है कि उनके पिता ने ऐसा कदम क्यों उठाया.

घर को ऐसा पैक किया था कि किसी की इंट्री नहीं थी संभवपरिजनों बता रहे हैं कि घर की बनावट ऐसा है कि अगर अंदर से दरवाजा बंद कर दिया जाय तो किसी की इंट्री संभव नहीं है. जब पुलिस को घटना की सूचना मिली तो गैस कटर से दरवाजे को काटा गया फिर तीन घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस अंदर जा सकी. शव को उतारने की विधिवत प्रक्रिया की. कुछ परिजनों ने बताया कि निरंजन मंडल सुनते कम थे. उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी. मोजाहिदपुर थानाध्यक्ष धीरेंद्र यादव ने बताया कि मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण खुदकुशी करने की बात सामने आ रही है. पुलिस मामले में छानबीन कर रही है. परिजनों की ओर से आवेदन आने का इंतजार है.

दुर्गंध आने के बाद मामले का हुआ खुलासा

शनिवार देर शाम लोगों को घटना की जानकारी तब मिली जब लोगों का ध्यान दुर्गंध आने के बाद उस ओर गया. निरंजन मंडल के कमरे के पास ही किराये पर कोचिंग चलाने वाले प्रिंस सौरभ ने बताया कि पहले उनलोगों को लगा कि आस पास कोई जानवर मरा होगा. लेकिन कुछ भी दिखाई नहीं देने और लगातार दुर्गंध आने के बाद जब वह मकान के पास गये थे. खिड़की से झांक कर देखा तो शव फंदे से झूल रहा था. इसके बाद कोचिंग संचालक ने सूचना दारोगा सुमन को दी. सुमन ने डायल 112 पर कॉल करने को कहा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >