सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग, 20-25 हजार श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान
भागलपुर के कहलगांव से रिपोर्ट,
सोमवती अमावस्या के अवसर पर प्रखंड के उत्तरवाहिनी गंगा घाटों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ने की प्रबल संभावना है. इस वर्ष अधिक मास का समापन, सर्वार्थ सिद्धि योग, मृगशिरा नक्षत्र, एकादशी तिथि एवं सूर्य के मिथुन राशि में प्रवेश का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसके कारण श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान है. पुण्य काल: पंचांग के अनुसार पुण्य काल रविवार 11:21 बजे से प्रारम्भ होकर सोमवार 08:24 बजे तक रहेगा. धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में किया गया स्नान, दान, जप, तप एवं तर्पण अक्षय फल प्रदान करता है.उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान एवं बाबा का जलाभिषेक करने से पितृ दोष का होता है शमन
बाबा बटेश्वर नाथ धाम के प्रधान तीर्थ पुरोहित आचार्य डॉ. शंकर झा ने बताया कि, उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान एवं बाबा का जलाभिषेक करने से पितृ दोष का शमन होता है. सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु की कामना से व्रत रखकर पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा संपन्न करेंगी. जिन जातकों की जन्म कुंडली में चन्द्रमा निर्बल है, उनके लिए सफेद वस्त्र, श्वेत तिल, दुग्ध, तण्डुल एवं साबूदाना का दान श्रेयस्कर है. मृगशिरा नक्षत्र के कारण यह दिवस कृषि कर्म हेतु भी उत्तम है.इस मुहूर्त में धान की बुआई करने पर समृद्ध फसल की संभावना सौ गुना बढ़ जाती है.
शनि मंदिरों में शनि स्तोत्र पाठ एवं तिल-तेल दान का विधान होगा
समस्त प्रमुख शनि मंदिरों में शनि स्तोत्र पाठ एवं तिल-तेल दान का विधान रहेगा. श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों ने एलसीटी घाट, चारो धाम घाट एवं त्रिमुहान घाट पर स्वच्छता के प्रबंध किए हैं. स्थानीय दुकानदार संतोष कुमार चौरसिया के अनुसार, इस बार लगभग 20-25 हजार श्रद्धालु पहुंचेंगे. पूजा सामग्री, प्रसाद एवं जलपात्र की मांग बढ़ाने की आसार हैं. हम सभी दुकानदार दुकानों के साज-सज्जा और सामानों के रखरखाव में लगे हुए हैं.
