नये डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर बवाल, टीएमबीयू में देर रात तक धरना-प्रदर्शन
टीएमबीयू के अंतर्गत भागलपुर और बांका के दस प्रखंडों में नवस्थापित डिग्री कॉलेज एक जुलाई से शुरू होंगे. सरकार के निर्देश पर टीएमबीयू ने इन कॉलेजों के लिए दस प्रभारी प्राचार्य और 60 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति कर दी है.
भागलपुर से आरफीन जुबैर की रिपोर्ट
भागलपुर. टीएमबीयू के अंतर्गत भागलपुर और बांका के दस प्रखंडों में नवस्थापित डिग्री कॉलेज एक जुलाई से शुरू होंगे. सरकार के निर्देश पर टीएमबीयू ने इन कॉलेजों के लिए दस प्रभारी प्राचार्य और 60 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति कर दी है. इस निर्णय के विरोध में शुक्रवार दोपहर से लेकर देर रात करीब दो बजे तक शिक्षकों ने संबंधित कॉलेजों में धरना-प्रदर्शन किया. शिक्षकों का कहना है कि वे नवस्थापित डिग्री कॉलेजों में योगदान नहीं देंगे और इसके स्थान पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए.
प्रतिनियुक्ति के विरोध में शिक्षकों का धरना
इस मामले पर शिक्षक संगठन यूडीटीए के सचिव अभिषेक कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति तत्काल वापस लेनी चाहिए और उनकी जगह गेस्ट शिक्षकों की नियुक्ति करनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि किस नियम और प्रावधान के तहत 60 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति नए डिग्री कॉलेजों में की गयी है. उन्होंने यह भी कहा कि इसमें दिव्यांग शिक्षक की भी प्रतिनियुक्ति की गयी है, जो न्यायसंगत नहीं है.वहीं, डॉ. अमलेंदु कुमार अंजन, डॉ. कार्तिक सहित अन्य शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि वे प्रतिनियुक्ति वाले कॉलेजों में योगदान नहीं देंगे और विश्वविद्यालय प्रशासन को यह आदेश वापस लेना होगा. इस बीच सिंडिकेट सदस्य डॉ. केके मंडल ने कहा कि इस मामले में प्रभारी कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा को शिक्षकों से वार्ता करनी चाहिए.दूसरी ओर, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. रामाशीष पूर्वे ने कहा कि सभी निर्णय उच्चाधिकारियों के आदेश के तहत लिए जा रहे हैं, इसमें उनके स्तर से कुछ नहीं किया जा सकता. उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर रात करीब दो बजे शिक्षकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा.