सुलतानगंज(भागलपुर) से रिपोर्ट
Shravani Mela 2026: श्रावणी मेला में हर साल लाखों कांवरिये सुलतानगंज पहुंचते हैं. भीड़, धक्का-मुक्की, सामान की चिंता और बुनियादी सुविधाओं की कमी अक्सर श्रद्धालुओं की यात्रा को मुश्किल बना देती है. लेकिन इस बार तस्वीर बदलने की तैयारी है. नगर परिषद ने श्रावणी मेला 2026 को पहले से अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और हाईटेक बनाने का दावा किया है.
इस बार श्रद्धालुओं को सिर्फ बेहतर सुरक्षा और सफाई ही नहीं मिलेगी, बल्कि लॉकर रूम, चेंजिंग रूम, सेल्फी प्वाइंट, ठंडे पेयजल की सुविधा और आधुनिक भीड़ प्रबंधन जैसी कई नई व्यवस्थाएं भी देखने को मिल सकती हैं. इन सभी तैयारियों को लेकर शनिवार को नगर परिषद सभागार में हुई बैठक में अंतिम रूप दिया गया.
भीड़ की सबसे बड़ी परेशानी खत्म करने की तैयारी
श्रावणी मेला के दौरान सबसे बड़ी चुनौती लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को सुरक्षित तरीके से संभालना होती है. खासकर अजगैबीनाथ मंदिर में जलार्पण के समय लंबी कतारें और धक्का-मुक्की आम बात रहती है.
इसी समस्या को देखते हुए इस बार पहली बार मंदिर के गर्भगृह में आधुनिक अरघा सिस्टम लगाने का निर्णय लिया गया है. नगर परिषद का मानना है कि इस व्यवस्था से श्रद्धालु सुव्यवस्थित कतार में आसानी से बाबा अजगैबीनाथ पर जल चढ़ा सकेंगे. इससे भीड़ नियंत्रण भी बेहतर होगा और श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
Shravani Mela 2026: अब सामान रखने की चिंता नहीं, लॉकर रूम और चेंजिंग रूम भी मिलेंगे
कांवर यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के सामने सबसे बड़ी परेशानी अपने सामान और कपड़ों की रहती है. कई बार स्नान और जलभराव के दौरान सामान की सुरक्षा चिंता का कारण बनती है.
इसी को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद ने इस बार लॉकर रूम, चेंजिंग रूम, अतिरिक्त यूरिनल, पंडाल और यात्री विश्राम स्थलों की व्यवस्था करने का फैसला लिया है. साथ ही मेला क्षेत्र में आकर्षक सेल्फी प्वाइंट भी तैयार किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु अपनी यात्रा की यादों को कैमरे में कैद कर सकें.
गर्मी से राहत और सफाई पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस
श्रावणी मेला बरसात और उमस के मौसम में आयोजित होता है. ऐसे में हजारों लोगों के बीच स्वच्छता और पेयजल सबसे बड़ी जरूरत बन जाती है.
नगर परिषद ने इस बार मेला क्षेत्र के आठ स्थानों पर चिल्ड वाटर यानी ठंडे पेयजल की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है. वहीं पूरे मेला क्षेत्र में चार पालियों में 1200 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की जाएगी.
स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी सेवानिवृत्त सफाई निरीक्षक दिलीप कुमार दूबे को सौंपी जाएगी. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूरे मेला क्षेत्र में लगातार सफाई बनी रहे और श्रद्धालुओं को गंदगी का सामना न करना पड़े.
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रोशनी, पहचान व्यवस्था और सुरक्षा पर भी खास नजर
नगर परिषद ने मेला क्षेत्र में जरूरत के अनुसार स्ट्रीट लाइट, हाईमास्ट लाइट, तिरंगा लाइट और वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था विकसित करने का भी निर्णय लिया है. बांका सांसद की अनुशंसा पर तीन नए हाईमास्ट लाइट लगाने की पहल भी की गई है.
मेला में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंडा, दुकानदार और फोटोग्राफरों के पहचान पत्र बनाए जाएंगे. इसके लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. पूरे मेला क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक प्रणाली भी स्थापित होगी ताकि श्रद्धालुओं तक जरूरी सूचनाएं समय पर पहुंच सकें.
इसके अलावा सरकारी योजनाओं और सुरक्षा संबंधी जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक, बैनर, पोस्टर और प्रचार अभियान भी चलाया जाएगा.
Shravani Mela 2026: दुम्मा बॉर्डर तक रोशनी होगी बेहतर, करोड़ों नहीं लाखों की योजना पर काम
श्रावणी मेला को सुरक्षित बनाने की तैयारी सिर्फ मंदिर परिसर तक सीमित नहीं है. अजगैबीनाथ मंदिर से दुम्मा बॉर्डर तक कांवरिया पथ पर लगी सोलर लाइटों के मेंटेनेंस की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है.
बिहार स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने इस योजना को मंजूरी दे दी है. अब एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू हो रही है. इस पूरी योजना पर अधिकतम 24 लाख 81 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे, ताकि पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को पर्याप्त रोशनी मिल सके.
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने बताया कि बैठक में कुल 26 विकास और सुविधा योजनाओं को स्वीकृति देने का प्रस्ताव लिया गया है. इन योजनाओं का उद्देश्य श्रावणी मेला में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है.
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