पीरपैंती के शेरमारी निवासी पूर्व फौजी दिलीप कुमार झा के पुत्र ऋषभ झा (30) के हत्याकांड मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे में उद्भेदन कर लिया है. पुलिस ने मुख्य आरोपी सुंदरपुर पीरपैंती निवासी सौरभ साह उर्फ मयंक गुप्ता समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने हत्याकांड में प्रयुक्त हथियार एक पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, एक खोखा, एक मोबाइल बरामद किया है. गिरफ्तार अन्य चार लोगों में सुंदरपुर पीरपैंती के भानु कुमार उर्फ संजीव कुमार साह, प्रीतम कुमार, राहुल रंजन उर्फ मोनू कुमार, दीपक कुमार शामिल है. सौरभ को पुलिस ने जेएलएनमएसीएच मायागंज परिसर से ही गिरफ्तार किया था तो सौरभ की निशानदेही पर चोरों आरोपितों को पुलिस ने पीरपैंती रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के तकनीकी अनुसंधान के आगे विफल हुआ सौरभ का षडयंत्र पुलिस की कार्रवाई को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने एक प्रेस वार्ता कर बताया कि मुख्य आरोपित और मृतक के दोस्त ने घटना को एक षडयंत्र के तहत छिपाने का प्रयास किया. यही कारण रहा कि पीरपैंती पुलिस को रात्रि की घटना की जानकारी सुबह मिली. एसएसपी ने बताया कि लूडो खेलने के दौरान सौरभ के पिस्तौल से चली गोली ऋषभ को लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद सौरभ और अन्य आरोपितों ने घटना को छिपाने का प्रयास किया. पहले पीरपैंती रेफरल अस्पताल फिर निजी अस्पताल में इलाज करवाने का प्रयास किया. फिर घायल अवस्था में ऋषव को देर रात जेएलएनएमसीएच मायागंज में भर्ती कराया, जहां मंगलवार की अहले सुबह उसकी मौत हो गयी. ऋषभ का पैसा सौरभ के यहां था बकाया, रकम गबन करने के उद्देश्य से की गयी हत्या पुलिस ने घटना के पीछे की कहानी को बताते हुए कहा है कि ऋषभ और सौरभ दोनों एक साथ प्लाटिंग का धंधा करते थे. धंधे के दौरान ऋषभ का पैसा सौरभ के पास बकाया था. जिसे सौरभ लौटाना नहीं चाहता था. इसलिए सौरभ ने अपने अन्य साथियों के साथ मिल कर ऋषभ को मारने का प्लान बनाया. नौ मार्च की शाम को ऋषव को बहाने से लूडो खेलने सुंदरपुर स्थित भानु कुमार उर्फ संजीव कुमार साह के टेंट हाउस गोदाम में बुलाया. लूडो खेलने के दौरान ही ऋषभ को गोली मार दी. अगर, यह गोटी कटी तो ऋषभ को मार दूंगा गोली जानकारी मिली है कि ऋषभ और सौरभ दोनों प्रतिद्वंदी खिलाड़ी के रूप में लूडो खेल रहे थे. इस दौरान ऋषव आगे था. सौरभ की तीन गोटी कट चुकी थी. खेल के दौरान वह बार बार पिस्टल निकाल कर बोल रहा था, लास्ट गोटी है, मत काटना दोस्त, नहीं तो गोली मार दूंगा. ऋषभ हंस कर टाल रहा था. तभी ऋषव की बारी आयी और छग्गे में निर्धारित अंकों की आमद हुई और ऋषभ की गोटी, सौरभ की गोटी को काटते हुए आगे बढ़ गयी. इस दौरान सौरभ बोलता रहा, मत काटना, नहीं तो गोली मार दूंगा. ऋषभ कुछ समझ पाता कि सौरभ ने उसके पेट में एक गोली दाग दी थी. गांव में भी इस तरह की कहानी की लोगों के बीच चर्चा है. लूडो के गेम की तरह ही बिजनेस के गेम में आगे बढ़ चुका था ऋषभ गांव के लोग बताते हैं कि जिस तरह ऋषभ सौरभ को लूडो गेम में पराजित कर रहा था, ठीक उसकी तरह ऋषभ ने बिजनेस में भी सौरभ को पछाड़ दिया था. ग्रामीणों ने बताया कि सौरभ पुराना कारोबारी था लेकिन ऋषभ चार पांच माह पहले ही प्लॉटिंग के कारोबार में आया था. लेकिन ऋषभ ने अपनी साफ और मृदुभाषी छवि से ग्रहकों के बीच गहरी पैठ बनाना शुरू कर दिया था. जिसके कारण वह सौरभ की आंखों में खटकने लगा था. दूसरी तरफ ऋषभ अपने दोस्त पर हद से ज्यादा विश्वास करता था, यही कारण था कि वह पैसे का लेन देन बेहिचक करता था. चल रही है छानबीन, सामने आ सकते हैं कई नये तथ्य एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. अनुसंधान में नये तथ्यों के आने की संभावना है. एसएसपी ने बताया कि घटना के तुरंत बाद सिटी एसपी शैलेंद्र की निगरानी में और एसडीपीओ कहलगांव टू पंकज कुमार के नेतृत्व में एक एसआइटी का गठन किया था. पुलिस की टीम में थानाध्यक्ष पंकज कुमार राउत, डीआईयू प्रभारी परमेश्वर सहनी, विकास कुमार, अविनाश कुमार, शशि कुमार, संगम कुमारी, बबलू कुमार, शंकर कुमार, कमलेश कुमार पासवान, अमन आनंद, कमलेश कुमार, पिंटू पाल शामिल थे.
bhagalpur news. लूडो खेलने में गोटी काटने पर सौरभ ने ऋषभ को मारी गोली
पीरपैंती के शेरमारी निवासी पूर्व फौजी दिलीप कुमार झा के पुत्र ऋषभ झा (30) के हत्याकांड मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे में उद्भेदन कर लिया है.
