बिहार की इस यूनिवर्सिटी में 9 शिक्षकों के वेतन पर संकट, प्रमाण पत्र जांच तक सस्पेंस

TMBU: तिलकामांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी के नौ शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने की प्रक्रिया की जा रही है. इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय को पत्र भेजा है.

बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से भागलपुर स्थित तिलकामांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी (TMBU) में नियुक्त हुए करीब नौ शिक्षकों का वेतन रुक सकता है. अनुभव और दिव्यांगता प्रमाण पत्र की जांच होने तक इनका वेतन भुगतान बंद रखने की प्रक्रिया चल रही है. इसे लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने टीएमबीयू सहित राज्य के अन्य विश्वविद्यालय को पत्र लिखा है. हालांकि विवि में पत्र आने से दो माह से ज्यादा समय बीत चुके हैं.

शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने की चल रही प्रक्रिया

बताया जा रहा है कि शिक्षकों को दो माह का वेतन भुगतान होना है. इसे लेकर सारी प्रक्रिया करने के बाद कोषागार फाइल भेजी गयी थी. तभी सरकार से भेजे गये पत्र के बारे में विवि को याद आया. तत्काल वहां से फाइल लौटा ली गयी है. अब उन नौ शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने की प्रक्रिया की जा रही है. इसके बाद फिर से फाइल तैयार कर कोषागार भेजने की तैयारी की जा रही है.

डीएसडब्ल्यू के नेतृत्व में बनी जांच कमेटी

नाम नहीं छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा कि सरकार से भेजे गये पत्र में निर्देश दिया गया है कि आयोग से नियुक्त शिक्षकों का अनुभव, दिव्यांगता प्रमाण पत्र सहित अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को उपलब्ध कराये. उच्च शिक्षा विभाग ने विषयवार सूची का भी नाम भेजा है. उस सूची से विवि में नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर योगदान दे रहे हैं. बता दें कि पूरे मामले को लेकर विवि प्रशासन ने डीएसडब्ल्यू के नेतृत्व में जांच कमेटी बनायी गयी है. कमेटी केवल एक ही बैठक की है लेकिन 20 दिन से ज्यादा बीत जाने के बाद कमेटी की कोई बैठक नहींं हुई है.

विभाग ने विश्वविद्यालयों को दिया है टास्क

टीएमबीयू सहित अन्य विवि को भेजे गये पत्र में लिखा है कि विभाग ने भूगोल, गणित, भौतिकी, अर्थशास्त्र व रसायन शास्त्र विषय में मिले शिक्षकों का अनुभव व दिव्यांगता प्रमाण पत्र को अनिवार्य रूप से सत्यापित करें. साथ ही गड़बड़ी मिलने पर उन शिक्षकों पर कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग को रिपोर्ट करें.

सरकार उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर जांच कराये

समाज शास्त्र के अभ्यर्थी सह बिहार अतिथि व्याख्याता संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ अजीत कुमार सोनू ने अनुभव व दिव्यांगता प्रमाण पत्र में भी फर्जीवाड़ा का आरोप लगाया है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनायी जाये.

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मुख्यालय से बाहर हैं. आने के बाद मामले को लेकर बनी जांच कमेटी की बैठक बुलायी जायेगी ताकि जांच प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जा सके.

प्रो विजेंद्र कुमार, डीएसडब्ल्यू

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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