Bhagalpur news शिक्षकों का आवासीय प्रशिक्षण 17 से

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में इस वर्ष भी शिक्षकों के सतत व्यवसायिक विकास कार्यक्रम के तहत अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद पटना के निर्देश पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में इस वर्ष भी शिक्षकों के सतत व्यवसायिक विकास कार्यक्रम के तहत अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जा रहा है. नीति के अनुसार प्रत्येक शिक्षक को प्रति वर्ष न्यूनतम 50 घंटे का प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य है. प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों के विषय ज्ञान को मजबूत करना, शिक्षण कौशल में सुधार लाना तथा छात्रों की सीखने की आवश्यकताओं को गहराई से समझने में सक्षम बनाना है. वित्तीय वर्ष के लिए तैयार नवीन प्रशिक्षण मॉड्यूल से सभी स्तरों के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जायेगा.

कक्षा छह से आठ के विज्ञान एवं गणित के शिक्षकों के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण 17 से 21 नवंबर तक आयोजित होगा. प्रशिक्षण प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, फुलवरिया (भागलपुर) में किया जायेगा. सुलतानगंज से कुल 33 शिक्षकों का चयन इस प्रशिक्षण के लिए सूचीबद्ध है. प्रशिक्षण पूरी तरह आवासीय होगा तथा उपस्थित शिक्षकों को सभी सत्रों में भाग लेना अनिवार्य होगा. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्राथमिक शिक्षा व सर्व शिक्षा अभियान, भागलपुर बबीता कुमारी ने संबंधित शिक्षकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि चयनित शिक्षक 16 नवंबर को निर्धारित प्रशिक्षण संस्थान में योगदान करें और अपनी उपस्थिति बायोमेट्रिक प्रणाली से सुनिश्चित करें. सभी शिक्षकों को समय पर उपस्थित होना आवश्यक है. प्रशिक्षण से कक्षा छह से आठ में विज्ञान और गणित पढ़ाने वाले शिक्षकों की दक्षता में वृद्धि होगी. विभाग का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण से शिक्षण स्तर बेहतर होगा, जिससे छात्रों की सीखने की क्षमता में सकारात्मक बदलाव आयेगा.

बाल दिवस पर जागरूकता व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

बाल दिवस पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जगदीशपुर व मवि जगदीशपुर प्रांगण में डेटॉल बनेगा स्वस्थ इंडिया के तहत स्वच्छता शिक्षा कार्यक्रम हुआ. शुरुआत प्रधानाध्यापक, शिक्षकों व बच्चों ने केक काट कर की. बच्चों ने स्वच्छता गान, मनमोहक नृत्य और संगीत की आकर्षक प्रस्तुति दी. चित्रकला, निबंध लेखन एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता हुई. प्रतियोगिता में बच्चों ने स्वच्छता पर आधारित सुंदर चित्र और प्रभावी स्लोगन प्रस्तुत किये. चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया तथा बच्चों में डेटॉल साबुन का वितरण किया गया. प्रधानाचार्य आशुतोष चंद्र मिश्रा ने बाल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर मनाया जाता है. उन्हें बच्चों से अत्यधिक स्नेह था और वह उन्हें देश का भविष्य मानते थे. बच्चे भी प्यार से उन्हें चाचा नेहरू कह कर बुलाते थे. संस्था के लीड शंभू कुमार सिंह ने कहा कि चाचा नेहरू की वास्तविक दृष्टि बच्चों को सुरक्षित, प्रेमपूर्ण और समान अवसरों से भरा वातावरण देना था, ताकि वह विकसित होकर देश की प्रगति में योगदान कर सकें. कार्यक्रम में चंद्रकांत भारती, राजीव रंजन, अभिनाश सरोज, वीणा कुमारी, शाहिना खातून, प्रतिमा मिश्रा, निर्भय कुमार, वार्डेन सपना कुमारी, फूल कुमारी, शारिका निगार, राजकिशोर, वृंदा, सुशीला, रिंकू सहित सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित थी.

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Published by: Jitendra tomar

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