Bhagalpur News. रिसर्च स्कॉलर अब नहीं कर सकेंगे मनमानी, हर माह देने होंगे अपडेट

टीएमबीयू रिसर्च रेगुलेशन लागू.

— लोकभवन से रिसर्च रेगुलेशन 2016 के तहत नयी व्यवस्था को विवि में सख्ती से पालन करने का दिया आदेश टीएमबीयू के रिसर्च स्कॉलर सावधान हो जाएं. रिसर्च को लेकर अब फाकेबाजी नहीं कर सकेंगे. उन्हें पढ़ना व हर माह में रिसर्च संबंधित किये कार्यों की अपडेट विभाग को देने होंगे. दरअसल, लोकभवन से जारी रिसर्च रेगुलेशन 2016 के तहत यह व्यवस्था जारी की गयी है. लोकभवन से जारी पत्र में नयी व्यवस्था को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया गया है. दूसरी तरफ उच्च शिक्षा विभाग ने भी मामले में पत्र जारी कर पालन करने के लिए कहा है. बताया जा रहा है कि लोकभवन को लगातार शिकायत मिल रही है कि रिसर्च रेगुलेशन का विश्वविद्यालयों में पालन नहीं हो रहा है. मिलीभगत से रिसर्च स्कॉलर की कागजी प्रक्रिया के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है. रेगुलर नहीं आने के बाद भी उपस्थित दिखाया जाता है. पहले की व्यवस्था में महीनों बाद विभाग स्कॉलर आते – विवि के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पहले रिसर्च स्कॉलर महीनों में संबंधित विभाग आते थे. नयी व्यवस्था लागू होने से चीजें बदलगी. इससे रिसर्च में गुणवत्ता आयेगी. नये विषयों पर रिसर्च होने से समाज को भी लाभ मिलेगा. विवि प्रशासन को इस दिशा में सख्ती से काम करने की आवश्यकता है. — रिसर्च माफिया गिरोह पर लगायी थी पाबंदी – विवि के पूर्व कुलपति प्रो एनके झा के कार्यकाल में रिसर्च की एक ही टॉपिक को बदल कर रिसर्च कराने वाले माफिया गिरोह पर पाबंदी लगायी गयी थी. उन्होंने रिसर्च से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे. शोध में गुणवत्ता लाने के लिए प्रयासरत थे. थिसिस में किये जाने वाले नकल को सॉफ्ट वेयर से पकड़ने का काम उनके कार्यकाल से शुरू किया गया. उस समय ऐसे कई थिसिस में 35 फीसदी से अधिक नकल जांच के दौरान मिला था. उनके एक साल के कार्य अवधि में साइंस, सोशल साइंस,कॉमर्स व मानविकी संकाय के विभिन्न विषयों के 100 से अधिक थिसिस का नकल पकड़ा गया था. यह व्यवस्था अब भी जारी है. — रिसर्च के गुणवत्ता को लेकर पूर्व में हुई थी बैठक – टीएमबीयू की पूर्व कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता के कार्यकाल में रिसर्च में गुणवत्ता लाने के लिए रिसर्च स्कॉलर को संबंधित विभाग में उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दिया गया था. इसमें कहा गया था कि स्कॉलर को रिसर्च संबंधित अपने टाॅपिक पर काम करने होंगे. साथ ही इसकी जानकारी संबंधित विभाग को देनी होगी. उनके जाने के बाद विवि निर्देश का पालन करना भूल गया. — कोट — लोकभवन के निर्देश का पालन कराया जायेगा. इस संबंध में प्रभारी कुलपति से दिशा-निर्देश लेकर आगे की प्रक्रिया की जायेगी. रिसर्च रेगुलेशन 2016 का हर हाल में पालन कराया जायेगा. प्रो रामाशीष पूर्वे, रजिस्ट्रार

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Kali kinker mishra

काली किंकर मिश्रा प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से अधिक समय से व डिजिटल माध्यम में पिछले पांच वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. अमर उजाला, दैनिक जागरण के बाद फिलहाल प्रभात खबर भागलपुर कार्यालय में कार्यरत हैं. दिल्ली, पंजाब, झारखंड में पत्रकारिता कर चुके हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >