bhagalpur news. पत्नी से कहासुनी के बाद रेलवे कर्मी ने खाया जहर, इलाज के दौरान मौत

बरारी थाना क्षेत्र के सुरखीकल मोहल्ले में किराये के मकान में रहने वाले पूर्णिया में रेलवे ट्रैक मैन के पद पर कार्यरत मुकेश कुमार सिंह की संदेहास्पद स्थिति में जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गयी है.

बरारी थाना क्षेत्र के सुरखीकल मोहल्ले में किराये के मकान में रहने वाले पूर्णिया में रेलवे ट्रैक मैन के पद पर कार्यरत मुकेश कुमार सिंह की संदेहास्पद स्थिति में जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गयी है. जानकारी मिली है कि रविवार की सुबह मुकेश को इलाज के लिए जेएलएनएमसीएच मायागंज में भर्ती कराया गया था. सोमवार की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो जाने के बात कही जा रही है. मृत्यु के बाद मृतक की पत्नी जेएलएनएमसीएच में नर्स पद पर कार्यरत अनीता कुमारी की मानसिक स्थिति खराब हो गयी, जिसके बाद वह घर चली गयी. सूचना पर मंगलवार को ओडिशा में कार्यरत मृतक के भाई दयानंद कुमार सिंह ने भागलपुर पहुंच कर शव का पोस्टमार्टम करवाया और देर शाम शव ले कर अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हुए. मृतक नालंदा जिले के अस्थावां थाना क्षेत्र के अंडी गांव का निवासी है. दयानंद ने बरारी पुलिस को लिखित आवेदन दे कर मामले की जानकारी दी है. दयानंद ने बताया कि वह ओडिशा में नौकरी करता है. रविवार की सुबह उसकी भतीजी (मुकेश की इकलौती पुत्री) ने फोन पर बताया कि चाचा की तबीयत काफी खराब है. उन्हें जेएलएनएमसीएच में भर्ती कराया गया है, उन्हें होश नहीं आ रहा है. फिर सोमवार की सुबह उसकी भतीजी ने फोन किया कि पापा की मृत्यु हो गयी है. दयानंद ने कहा कि इसके बाद वे ओडिशा से भागलपुर पहुंचे और सभी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की. दयानंद ने बताया कि उसके भाई की मौत कैसे हो गयी, उसे कुछ पता नहीं है. जब वह भागलपुर पहुंचा तो देखा कि स्ट्रेचर पर उसके भाई का शव था और उसके आस – पास कोई नहीं था. उसने मुकेश की पत्नी को फोन किया तो पता चला कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. पत्नी के साथ मुकेश का ठीक नहीं था रिश्ता भाई दायनंद ने बताया कि मुकेश का उसकी पत्नी के साथ रिश्ता ठीक ठाक नहीं चल रहा था. हमेशा दोनों के बीच विवाद की स्थिति रहती थी. यहां तक की तीन वर्ष पूर्व तलाक तक की नौबत आ गयी थी. लेकिन तलाक हुआ नहीं था. छह वर्ष पूर्व मुकेश को लकवा का अटैक आया था, तब से वह बीमार ही चल रहा था. डेढ़ वर्ष पूर्व मुकेश के इकलौते पुत्र की मौत हो गयी थी. लकवा ग्रस्त हो जाने के बाद से ही मुकेश ठीक से बोल नहीं पाता था. लगभग दो माह पहले मुकेश ने उसे फोन किया था, वह बोल रहा था कि उसके पैसे चोरी गये. दयानंद ने बताया कि मुकेश इन दिनों काफी तनाव में रहता था. बरारी पुलिस मामले की छानबीन करने में जुट गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >