bhagalpur news. 23 घंटे तक आठ किमी विसर्जन शोभयात्रा की लगी रही रही कतार, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल

सिल्क सिटी में विसर्जन शोभायात्रा में 23 घंटे से अधिक समय तक चला. हजारों श्रद्धालु इसमें शामिल हुए.

सिल्क सिटी में विसर्जन शोभायात्रा में 23 घंटे से अधिक समय तक चला. हजारों श्रद्धालु इसमें शामिल हुए. सात से आठ किलोमीटर लंबी काली विसर्जन शोभायात्रा में मां काली का विविध रूपों को एक साथ देखने का अवसर श्रद्धालुओं को मिला. इसमें परबत्ती, इशाकचक, मोमिनटोला, हबीबपुर में बुढ़िया काली, मंदरोजा में हड़बडिया काली, रिकाबगंज में नवयुगी काली, उर्दू बाजार, कचहरी परिसर और बूढ़ानाथ में मसानी काली, हुसैनाबाद की जुल्मी काली, बमकाली आदि नाम व रूप में मां की प्रतिमा दिखी. नम आंखों से मां काली को गुरुवार को विदाई दी गयी. शोभायात्रा में 79 के करीब प्रतिमाएं शामिल हुईं. कहीं मुंह से आग निकाला, तो कहीं तलवारबाजी, तो कहीं घोड़े का नृत्य इस दौरान श्रद्धालु तरह-तरह करतब करते दिखे. सैकड़ों श्रद्धालु सुदूर क्षेत्र से विसर्जन मेला देखने पहुंचे थे. गोड्डा के प्रीतम कुमार अपने परिवार के साथ मेला देखने पहुंचा था, तो बरियारपुर की रिमझिम राय पूरे परिवार के साथ मेला देखने आयी थी. उन्होंने बताया कि गुरुवार को सुबह छठ को लेकर गंगा स्नान करके मेला का लुत्फ उठाया. मेला में कहीं श्रद्धालुओं ने मुंह से आग निकालने का करतब दिखाया, तो किसी ने तलवारबाजी, तो किसी ने लाठी घुमाकर लोगों को चकित कर दिया. इस दौरान एक बुजुर्ग ने भाला घुमाकर युवाओं को हैरत में डाल दिया. दीपनगर चौक पर आधा घंटा तक घोड़े का नृत्य कराकर लोगों का मनोरंजन किया गया. शाम छह बजे शोभायात्रा की पहली परबत्ती की प्रतिमा की गयी विसर्जित सुबह 7:30 बजे तक बूढ़ानाथ चौक परबत्ती की प्रतिमा पहुंची थी. धीरे-धीरे प्रतिमा आगे बढ़ी, लेकिन मानिक सरकार चौक पहुंचने में 10 बज गये और आदमपुर चौक पर दोपहर 12 बज गये. धीरे-धीरे गति और धीमी हो गयी. दोपहर दो बजे तक छोटी खंजरपुर एसएम कॉलेज चौक पहुंच सकी थी. वहीं दोपहर बाद भी जरलाही की प्रतिमा शोभायात्रा की लाइन में खड़ी नहीं हुई थी. बूढ़ानाथ बमकाली की प्रतिमा खलीफाबाग चौक पर खड़ी थी. शोभायात्रा की पहली प्रतिमा परबत्ती की बुधवार को रात्रि नौ बजे अपने स्थान से उठी और दूसरे दिन संध्या लगभग छह बजे मायागंज अस्पताल के पीछे अस्थायी तालाब में विसर्जित की गयी. देर रात तक सभी 79 प्रतिमाओं का विसर्जन मुसहरी घाट में कर दिया गया. ————- इस प्रकार कतार में शामिल हुईं मां काली की प्रतिमा परबत्ती की प्रतिमा के बाद नया टोला, रजक काली, परबत्ती, फिर लाल कोठी की प्रतिमा, साहेबगंज, साहिबगंज महादलित टोला, साहेबगंज पासी टोला, स्टेशन चौक की प्रतिमा, विक्रमशिला कॉलोनी जंगली काली, कंपनीबाग, नवयुवक संघ उर्दू बाजार, मंदरोजा हड़बड़िया काली, गोलाघाट, रिकाबगंज सराय, चुनिहारी टोला ग्वाल टोली, नयाबाजार टीएनबी कॉलेजिएट, गुड़हट्टा चौक ईस्ट रेलवे, धड़पड़िया काली मारूफचक आदि शोभायात्रा में कतारबद्ध खड़ी थीं. ———— मां काली की जयकारों से गूंजा शहर विसजर्न शोभा यात्रा के दौरान पूरा शहर ‘जय काली’ व काली माय की जय’ के जयकारों से गूंजता रहा. तकरीबन सभी प्रतिमा के पीछे परंपरागत अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन किया जा रहा था. डीजे की धुन पर युवा थिरक रहे थे. जगह-जगह श्रद्धालु धूप, दीप व अगरबत्ती लेकर मां काली की आरती कर रहे थे. पूरा शहर माता की आराधना में लीन था. इस बीच कुछ जगह छिटपुट घटनाएं भी हुईं. पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति संभाल ली. ———- मेला में फुटपाथी दुकानदारों की हुई खूब बिक्री मेला में फुटपाथी दुकानदार खिलौने, चाट-पकौड़े, आइसक्रीम, झूले वालों की बल्ले-बल्ले रही. 1000 से अधिक लोगों ने पूरे मार्ग में अपनी दुकानें सजायी और लाखों रुपये की कमाई की. एक-एक दुकानदार ने पांच से 10 हजार का कारोबार किया. इसके अलावा विसर्जन घाट पर भी मिठाई व अन्य व्यंजन की दुकानें सजायी गयी थी.

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By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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