Bhagalpur News. पंपिंग स्टेशन नंबर-8 अधूरा, छह नंबर में निकला पत्थर, फिर भी इसी माह एसटीपी चालू करने का दावा
जनवरी में एसटीपी चालू करने कादावा.
-पंपिंग स्टेशन के बने बिना एसटीपी का चालू होना मुमकिन नहीं, गंगा किनारे अभी भी एक, दो और पांच नंबर अर्धनिर्मित गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए शहर में बनाया जा रहा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) वर्षों बाद भी अधूरा है. कई बार डेडलाइन बढ़ायी जा चुकी है. हैरानी की बात यह है कि परियोजना का औपचारिक उद्घाटन हो चुका है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि एसटीपी अब तक पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है. बावजूद इसके विभाग जनवरी में ही इसे चालू करने का दावा कर रहा है.
जानें, असल समस्या
असल समस्या यह है कि पंपिंग स्टेशनों के बिना एसटीपी का संचालन संभव नहीं है. परियोजना के तहत कुल 10 पंपिंग स्टेशन बनाये जाने हैं, जिनमें से फिलहाल पांच ही तैयार हो पाये हैं. शेष पांच पर काम चल रहा है, लेकिन निर्माण की गति काफी धीमी है. कई स्थानों पर तकनीकी और भौगोलिक अड़चनें सामने आ रही हैं, जिससे कार्य प्रभावित हो रहा है.
पंपिंग स्टेशन निर्माण में निकला पत्थर, कार्य में होगी देरी
पंपिंग स्टेशन नंबर-6 में निर्माण के दौरान पत्थर निकल आने से काम बाधित हो गया है. यहां पत्थर की कटिंग करायी जा रही है, जिसमें लंबा समय लगने की संभावना है. वहीं पंपिंग स्टेशन नंबर-8 का कार्य अंतिम चरण में बताया जा रहा है, लेकिन इसे भी पूरी तरह तैयार होने में समय लगेगा. विभागीय अधिकारियों का दावा है कि इसे जनवरी में हर हाल में पूरा कर लिया जायेगा.
सिर्फ 20 एमएलडी क्षमता से एसटीपी चालू करने की तैयारी
बुडको अधिकारियों के अनुसार पंपिंग स्टेशन नंबर-8 के पूरा होते ही एसटीपी को जनवरी में चालू किया जायेगा, हालांकि शुरुआत में इसकी क्षमता मात्र 20 एमएलडी रखी जायेगी. जबकि यह परियोजना 45 एमएलडी क्षमता की है और अभी निर्माणाधीन है. दूसरी ओर गंगा किनारे बने पंपिंग स्टेशन नंबर-1, 2 और 5 भी अब तक अर्धनिर्मित हैं. इन स्टेशनों पर पहले वन विभाग ने रोक लगा दी थी. बाद में वन क्लियरेंस शुल्क जमा करने और एनओसी मिलने के बाद निर्माण दोबारा शुरू हुआ, लेकिन रफ्तार अब भी धीमी है.उद्घाटन के बाद भी अधूरा प्रोजेक्ट
करीब 413 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस एसटीपी का शिलान्यास प्रधानमंत्री ने 19 फरवरी 2020 को किया था. इसकी शुरुआती समय-सीमा अप्रैल 2025 तय की गयी थी. बाद में नगर आयुक्त ने काम की सुस्ती को देखते हुए दिसंबर 2025 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया. इसी बीच 15 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री ने पूर्णिया से एक समारोह के दौरान इस परियोजना का उद्घाटन किया. उद्घाटन के चार महीने बाद भी एसटीपी का चालू न हो पाना न केवल प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि गंगा की स्वच्छता को लेकर गंभीरता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है.
कोट
पंपिंग स्टेशन नंबर-6 में पत्थर निकल गया है और इसको अब पूरा होने में देरी होगी. पंपिंग स्टेशन नंबर आठ इस माह में बनकर तैयार हो जायेगा. इसके बनने के साथ एसटीपी को चालू कर दिया जायेगा. अभी यह 20 एमएलडी क्षमता से चालू होगा.राजेश कुमार, कार्यपालक अभियंताबुडको, भागलपुर
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