bhagalpur news. सुलतानगंज में पक्का घर अभियान तेज

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सुलतानगंज प्रखंड में पक्का घर पाने की उम्मीद लगाए हजारों परिवारों के लिए राहत की खबर है

शुभंकर, सुलतानगंज प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सुलतानगंज प्रखंड में पक्का घर पाने की उम्मीद लगाए हजारों परिवारों के लिए राहत की खबर है. प्रखंड की 18 पंचायतों में आवास प्लस सूची में शामिल 18,568 परिवारों का सत्यापन कार्य तेजी से किया जा रहा है. सत्यापन के बाद ग्रामसभा से प्राथमिकता तय कर लाभुकों को योजना का लाभ दिया जाएगा. वहीं, राशि लेकर भी आवास निर्माण पूरा नहीं करने वाले लाभुकों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. बताया कि सुलतानगंज के 18 पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास प्लस सूची में 18,568 जरूरतमंद परिवारों का नाम शामिल किए जाने के बाद प्रशासन ने सत्यापन अभियान को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है. तीन स्तरों पर पारदर्शी सत्यापन व्यवस्था योजना के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन पंचायत, प्रखंड और जिला तीन स्तरों पर किया जा रहा है. ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक मो कादिर आलम ने बताया कि पंचायत स्तर पर सर्वेक्षित परिवारों का सत्यापन लगभग पूरा हो चुका है, जबकि प्रखंड स्तर पर कार्य तेज गति से जारी है. जिला स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद ही सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा. ग्रामसभा तय करेगी प्राथमिकता सत्यापन के बाद प्रत्येक पंचायत में ग्रामसभा आयोजित की जाएगी, जहां वास्तविक जरूरतमंद परिवारों की प्राथमिकता तय की जाएगी. इसी प्राथमिकता सूची के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर स्वीकृत किया जाएगा, ताकि योजना का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे. अपूर्ण आवासों पर प्रशासन सख्त बीडीओ संजीव कुमार ने कहा कि जिन लाभुकों ने आवास निर्माण के लिए राशि प्राप्त की और घर पूरा नहीं किया है, उन्हें अविलंब निर्माण पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है. आदेश की अवहेलना करने पर संबंधित लाभुकों के खिलाफ कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी. पुराने वर्षों के अधूरे आवास चुनौती वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2021-22 के बीच स्वीकृत 62 आवास अब तक पूर्ण नहीं हो सके हैं. इनमें से 6 लाभुकों से सरकारी राशि की रिकवरी की जा चुकी है, जबकि शेष लाभुकों के विरुद्ध नीलाम पत्रवाद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. वहीं प्रखंड में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान कुल 3,589 लाभुकों को प्रथम किस्त प्रदान की गई. वहीं 2,708 लाभुकों को द्वितीय किस्त और 1,235 लाभुकों को तृतीय किस्त दी गई है. बावजूद द्वितीय किस्त के बाद 265 आवास और तृतीय किस्त के बाद 416 आवास अब तक अधूरे पाए गए हैं. इन सभी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है. राशि की कमी से भुगतान रुका आवास पर्यवेक्षक ने बताया कि जून 2025 से राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण कई लाभुकों को भुगतान नहीं मिल पाया है. प्रथम किस्त लेने के बाद 616 आवास ऐसे हैं, जिनका निर्माण द्वितीय किस्त के स्तर तक पूरा हो चुका है, लेकिन भुगतान लंबित है. इसके अलावा 1,057 लाभुकों ने ढलाई का कार्य पूरा कर लिया है, पर राशि नहीं मिल पाने से आगे का निर्माण प्रभावित हुआ है. हजारों परिवारों का सपना होगा साकार सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया पूरी होते ही सुलतानगंज प्रखंड में हजारों कच्चे घर पक्के आशियानों में तब्दील होंगे. इससे न केवल गरीब परिवारों को सुरक्षित आवास मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा. सुलतानगंज में पीएम आवास योजना ग्रामीण की अब तक की स्थिति किस्तों की स्थिति (2024-25 व 2025-26) प्रथम किस्त प्राप्त लाभुक : 3,589 द्वितीय किस्त प्राप्त लाभुक : 2,708 तृतीय किस्त प्राप्त लाभुक : 1,235 -अब तक अधूरे आवास द्वितीय किस्त के बाद अपूर्ण आवास : 265 तृतीय किस्त के बाद अपूर्ण आवास : 416 सभी को नोटिस जारी, फिर भी निर्माण अधूरा -पुराने वर्षों की स्थिति (2016-17 से 2021-22) अब भी अपूर्ण आवास : 62 राशि रिकवरी की गई : 6 लाभुक शेष पर नीलाम पत्रवाद की प्रक्रिया जारी.

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By ATUL KUMAR

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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