Bhagalpur News: पीएम की किसान सभा से बढ़ेगा राजनीतिक तापमान

24 फरवरी को सिल्क सिटी भागलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसान सभा कई मायनों में महत्वपूर्ण है. भाजपा, जदयू सहित एनडीए गठबंधन के नेता इस सभा को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं. बीते एक पखवारे से एक दर्जन से अधिक केंद्रीय मंत्री, प्रदेश के मंत्री, सांसद, विधायक समेत देश-प्रदेश के नेताओं के दौरे व प्रवास का दौर जारी है

तैयार होगी एनडीए की जीत के लिए मजबूत जमीन

ललित किशोर मिश्रा, भागलपुर

24 फरवरी को सिल्क सिटी भागलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसान सभा कई मायनों में महत्वपूर्ण है. भाजपा, जदयू सहित एनडीए गठबंधन के नेता इस सभा को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं. बीते एक पखवारे से एक दर्जन से अधिक केंद्रीय मंत्री, प्रदेश के मंत्री, सांसद, विधायक समेत देश-प्रदेश के नेताओं के दौरे व प्रवास का दौर जारी है. किसान सभा के ऐतिहासिक होने के दावे के बीच तैयारी चरम पर है. किसानों को सौगात के साथ-साथ विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाओं की उम्मीद जतायी जा रही है. इससे इतर पीएम मोदी की किसान सभा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. राजनीति के विशेषज्ञों की मानें, तो किसान सभा से गर्मी की दस्तक के बीच राजनीतिक तापमान बढ़ेगा. इस सभा के साथ ही बिहार विधानसभा चुनाव का अघोषित शंखनाद होगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के तुरंत बाद पीएम मोदी की किसान सभा पूर्वी बिहार, कोसी व सीमांचल के 13 जिलों के विधानसभा क्षेत्रों में एनडीए की जीत के लिए मजबूत जमीन तैयार करेगी.

भागलपुर विधानसभा सीट के लिए संजीवनी

पूर्वी बिहार-कोसी-सीमांचल के 13 जिलों- भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, जमुई, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, खगड़िया में एनडीए गठबंधन की स्थिति बेहतर रही है. भागलपुर लोकसभा के सभी छह विधानसभा सीटों में तीन पर भाजपा, एक-एक पर जदयू, राजद व कांग्रेस का कब्जा है. कोसी के इलाके में जदयू का दबदबा है, तो मुंगेर व जमुई के इलाके में भाजपा का. पीएम मोदी की किसान सभा भागलपुर विधानसभा सीट के लिए संजीवनी का काम करेगा. भागलपुर विधानसभा सीट कभी भाजपा का गढ़ मानी जाती थी. लेकिन पिछले तीन विधानसभा चुनाव में यह सीट भाजपा के हाथ से निकलती जा रही है. कारण जो भी हो. लेकिन इस सीट पर हर हाल में जीत के लिए शीर्ष नेतृत्व की नजर इस पर पहले से ही है, और यह सभा रामबाण का काम करेगी. दिल्ली चुनाव में बंपर जीत के बाद भाजपा व एनडीए की नजर बिहार के सब विधानसभा सीट पर है, चाहे वह हारी सीट है, चाहे वह जीती हुई क्यों न हो. वैसे इस सभा को ऐतिहासिक ही नहीं आज तक ऐसी भीड़ नहीं हुई हो, ऐसी तैयारी की जा रही है. इसलिए प्रदेश के मंत्री से लेकर संगठन से जुड़े नेताओं का जमावड़ा भागलपुर सहित कई जिलों में लगा गया है. केंद्रीय मंत्री तक इस सभा को सफल बनाने में लगे हुए हैं. इस सभा में 13 जिलों के किसानों के अलावा आम जनता भी शिरकत करेगी.

सभी विधानसभा क्षेत्रों पर होगा असर

पीएम मोदी किसान सभा के मंच से किसान समृद्धि योजना की 19वीं किस्त एक साथ पूरे देश के किसानों के लिए जारी करेंगे. किसान सभी जातियों के होते हैं, जो अन्न उपजाते हैं. और यह इलाका कृषि बाहुल्य रहा है और यहां कृषि विवि भी है. जिले के ढाई लाख से अधिक किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं. और पीएम द्वारा जारी होने वाले 19वीं किस्त में इतने किसानों को भी लाभ मिलेगा. राजनीति के विशेषज्ञों की मानें, तो पूर्वी बिहार-कोसी-सीमांचल के 13 जिलों- भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, जमुई, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, खगड़िया के सभी विधानसभा क्षेत्रों पर कमोवेश किसान सभा का असर पड़ेगा. जहां पहले से एनडीए गठबंधन का कब्जा है, वहां उसकी स्थिति और मजबूत होगी. दूसरी ओर जिन सीटों पर राजद व कांग्रेस का कब्जा है, वहां एनडीए गठबंधन के लिए जमीन तैयार होगी. यही वजह है कि कांग्रेस, राजद समेत इंडिया गठबंधन की नजर भी इस सभा पर है. इंडिया गठबंधन के सामने इसकी काट तलाशने की चुनौती भी होगी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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