सैंडिस कंपाउंड में शनिवार से प्रवेश शुल्क की वसूली शुरू होते ही खिलाड़ियों और युवाओं की परेशानी बढ़ गयी. मैदान में क्रिकेट प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ी और पुलिस बहाली की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को दिन में अंदर जाने से रोक दिया गया. प्रवेश द्वार पर टिकट काउंटर से टिकट लेने की शर्त के बाद कई युवा निराश होकर लौट गये, जबकि कुछ को मजबूरी में शाम चार बजे गेट खुलने का इंतजार करना पड़ा. वहीं, कुछ ने मजबूरी में दस रुपये देकर टिकट लिया. जानकारी हो कि सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक टिकट लेने के बाद प्रवेश मिलेगा. युवाओं का कहना है कि यह मनमानी है और इससे उनकी दिनचर्या प्रभावित होगी. पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि दिन में अभ्यास करना जरूरी होता है, लेकिन अब मैदान तक पहुंचने के लिए टिकट लेना अनिवार्य कर दिया गया है. वहीं, क्रिकेट खिलाड़ियों ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि खेल को बढ़ावा देने के बजाय बाधाएं खड़ी की जा रही है. शाम चार बजे गेट खुलने के बाद ही युवाओं को प्रवेश मिला, लेकिन तब तक उनका अभ्यास का समय निकल चुका था. खेल प्रेमियों का कहना है कि शुल्क की वसूली से युवाओं का मनोबल गिरा है और जरूरत है कि प्रशासन खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अलग से व्यवस्था की जाये टिकट व्यवस्था से बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें सैंडिस कंपाउंड में प्रवेश शुल्क की नयी व्यवस्था से बुजुर्गों की मुश्किलें बढ़ गयी है. अब तक दिन में मैदान के किसी कोने में उनकी टोली जुटकर समय बिताती थी, लेकिन शनिवार को टिकट व्यवस्था लागू होने के बाद परिसर लगभग खाली नजर आया. बुजुर्गों को सुबह-शाम टहलने और ताजी हवा लेने के लिए यही सहारा था, लेकिन अब उन्हें या तो टिकट लेकर प्रवेश करना होगा या फिर शाम चार बजे के बाद इंतजार करना पड़ेगा. गेट पर कई बुजुर्गों को लाइन में खड़ा देखा गया, जिनका कहना था कि यह कदम आम नागरिकों के हित में नहीं है. बताया कि शहर में सैंडिस कंपाउंड के अलावा ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां खुली हवा में बैठने और समय बिताने का अवसर मिले. बुजुर्गों ने जिला प्रशासन से इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की. सैंडिस कंपाउंड में बिना टिकट प्रवेश पर कड़ा रुख सैंडिस कंपाउंड के गेट पर चयनित एजेंसी ने प्रवेश वर्जित का बोर्ड लगा दिया है और अपना स्टाफ तैनात किया है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई बिना टिकट प्रवेश न कर सके. गेट पर आने वाले लोगों को पहले रोका जा रहा है और टिकट लेने के लिए कहा जा रहा है. कई लोगों का आरोप है कि स्टाफ का व्यवहार ठीक नहीं है और उनके साथ कड़ा रुख अपनाया जा रहा है. टिकट व्यवस्था लागू होने के बाद मैदान में प्रवेश आसान नहीं रहा और लोगों की नाराजगी बढ़ गयी है.
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