संगीत और मंच सज्जा में अमन कुमार राय (हारमोनियम), वैभव राज (तबला), अनुराग कुमार, विक्की कुमार, राहुल कुमार, आदर्श कुमार (मंच सज्जा), मोनिका कुमारी (वस्त्र विन्यास) तथा सूर्यांश साकेत (संगीत निर्देशन) ने योगदान दिया. नाट्य निर्देशन सुमित कुमार मिश्रा व मंच संचालन वैभव राज ने किया.
कार्यक्रम में प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक साहिल राज, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी ट्विंकल रानी, युवा रंगकर्मी रितेश कुमार, चैतन्य प्रकाश, संजीव कुमार दीपू, मिथिलेश कुमार रिंटू, मिथलेश कुमार, कपिल देव रंग, अभिषेक कुमार, कुमार संभव, अभिमन्यु कुमार, संतोष कुमार, बजमी इकराम एवं प्रेम कुमार केडिया उपस्थित रहे. कार्यक्रम का समापन हास्यरस से किया गया, जिसने दर्शकों को खूब हंसाया.बरारी में चर्चा व कविता पाठ
किलकारी बिहार बाल भवन बरारी परिसर में वरिष्ठ रंगकर्मी मनोज कुमार ने हिंदी भाषा के महत्व और रंगमंच की भूमिका पर विचार रखते हुए कहा कि हिंदी हमारी सांस्कृतिक पहचान है और रंगमंच उसके प्रचार का प्रभावी माध्यम है. उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए नाटक को भाषा और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण साधन बताया. कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों व युवाओं ने ध्यानपूर्वक विचार सुने और हिंदी दिवस के इस अवसर को उत्साह के साथ मनाया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
