Bhagalpur News: अब ट्रेन में रिजर्वेशन के लिए आठ घंटे पहले देना होगा एचओ लेटर

पहले के नियमों में चार घंटे पहले देना होता था लेटर, अब आठ घंटे के पांच मिनट बाद भी देने पर नहीं होगा टिकट कंफर्म

– भागलपुर से खुलने वाली सभी एक्सप्रेस ट्रेनों में हुआ लागू- पहले के नियमों में चार घंटे पहले देना होता था लेटर, अब आठ घंटे के पांच मिनट बाद भी देने पर नहीं होगा टिकट कंफर्म

– सीनियर डीसीएम ने कहा – एचओ कोटा के अलावा अगर सामान्य यात्री जिसे मेडिकल सहित अन्य इमरजेंसी हो, उनके आवेदन पर संज्ञान लेकर टिकट कंफर्म किया जाता है

ललित किशोर मिश्र, भागलपुर

ट्रेनों में अब अपने रिजर्वेशन टिकट को कंफर्म कराने को लेकर चार्ट बनने के आठ घंटे पहले एचओ कोटा (हाई ऑफिशियल कोटा) डिवीजन को देना होगा. आठ घंटे के पांच मिनट बाद भी आवेदन देने पर कोटा पर टिकट कंफर्म नहीं होगा. यह नियम लागू हो गया है. इस नियम के लागू होने के बाद कुछ आवेदन आठ घंटे के बाद भागलपुर रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन अधिकारी के पास आये, जिसके कारण टिकट कंफर्म नहीं हुआ. कारण लेट से आने वाले आवेदनों को मान्य नहीं किया गया. रेलवे के इस नये नियम के चार्ट तैयार होने के चार घंटे पहले ही आपको एचओ कोटा के लिए आवेदन देना होता था लेकिन नियम बदलने के बाद कई लोगों के आवेदन को निरस्त किया गया. एचओ कोटा के लिए आवेदन देने वाले को रिजर्वेशन आफिस के कर्मी नये नियम के बारे में जानकारी भी दे रहे हैं कि आठ घंटे पहले आवेदन देना होगा, नहीं तो टिकट कंफर्म नहीं होगा.

एचओ कोटा सबसे ज्यादा विक्रमशिला, सुपर व वनांचल एक्सप्रेस में अधिक होता है

एचओ कोटा के लिए लेटर का सबसे ज्यादा उपयोग भागलपुर से खुलने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस, गरीब रथ, अंग एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, जमालपुर से खुलने वाली जमालपुर-हावड़ा सुपर एक्सप्रेस व भागलपुर से धनबाद के रास्ते रांची जाने वाली वनांचल एक्सप्रेस के लिए होता है. दर्जनों कोटा वाला लेटर रिजर्वेशन कार्यालय आता है. भागलपुर से उसे मालदा डिवीजन भेजा जाता है. मालदा डिवीजन के पदाधिकारी उस लेटर को देखने के बाद तय करते हैं कि एचओ कोटा वाले लेटर को बची सीट के हिसाब से एडजस्ट किया जाये. एचओ कोटा वाले लेटर में न्यायिक पदाधिकारी, जिला व पुलिस प्रशासन के वरीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, न्यूज पेपर के एचओ कोटा वाले लेटर के आधार पर सीट आवंटित किया जाता है.

आम यात्री जिसे मेडिकल या अन्य इमरजेंसी हो उसे दी जाती है सीट

आम यात्री जिसका टिकट वेटिंग है और परिवार के सदस्य को बड़ी बीमारी है या बहुत ही जरूरी काम से जाना है जो उसके जीवन से जुड़ा है. इस समय यात्री संबंधित रेलवे स्टेशन के पदाधिकारी को आवेदन देता है और किस जरूरत के लिए जाना है उसके कागजात को संलग्न कर देता है, उसे भी डिवीजन के द्वारा सीट रहने पर वरीयता के आधार पर आवंटित किया जाता है.

– कोट-

ट्रेनों में अब अपने रिजर्वेशन टिकट को कंफर्म कराने को लेकर चार्ट बनने के आठ घंटे पहले एचओ कोटा डिवीजन को देना होगा. आठ घंटे के पांच मिनट बाद भी आवेदन देने पर कोटा पर टिकट कंफर्म नहीं होगा. यह नियम लागू हो गया है.

– सुश्री अंजन, सीनियर डीसीएम, मालदा डिवीजन.B

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By SANJIV KUMAR

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