पटना मुख्यालय से पथ निर्माण विभाग और पुल निर्माण निगम के इंजीनियरों के साथ एनआइटी की टेक्निकल टीम गुरुवार को भागलपुर पहुंची. टीम ने विक्रमशिला सेतु का विस्तृत निरीक्षण करते हुए उसकी संरचनात्मक स्थिति की जांच की. निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने सेतु के एक्सपेंशन ज्वाइंट की स्थिति की गहन जांच की. साथ ही उसके नीचे के हिस्सों की भी बारीकी से जांच की गयी. टीम ने स्लैब और स्पैन के हर छोटे-बड़े मूवमेंट को रिकॉर्ड कर तकनीकी आंकड़े एकत्र किये. जांच के दौरान पुल पर वाहनों का परिचालन सामान्य रूप से जारी रहा. विशेषज्ञ टीम लंबे समय तक सेतु पर रुककर विभिन्न तकनीकी बिंदुओं का आकलन करती रही. निरीक्षण दल में पुल निर्माण निगम के उप मुख्य अभियंता, तकनीकी सलाहकार समेत मुख्यालय से आये कई वरीय इंजीनियर शामिल थे. अधिकारियों की गाड़ियां भी सेतु पर घंटों खड़ी रही. हालांकि टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गयी है. लेकिन माना जा रहा है कि विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक निर्णय लिये जायेंगे.
विक्रमशिला सेतु पर शिफ्टवार इंजीनियरों की तैनाती, 24 घंटे निगरानी शुरूविक्रमशिला सेतु की सुरक्षा और संरचनात्मक स्थिति पर लगातार निगरानी इंजीनियरों की शिफ्टवार ड्यूटी लगायी गयी है. इंजीनियर आठ-आठ घंटे की ड्यूटी में तैनात रहकर ट्रैफिक व्यवस्था, स्पैन और स्लैब की स्थिति सहित तकनीकी पहलुओं को लगातार देख रहे हैं. उसकी रिपोर्ट भी कर रहे हैं.
मुख्यालय स्तर से निगरानी को और सख्त करते हुए तैनात इंजीनियरों से समय-समय पर फोन पर स्थिति की जानकारी ली जा रही है. इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से उनकी उपस्थिति और गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है.बताया जा रहा है कि इंजीनियरों को निर्देश दिया गया है कि वे ड्यूटी के दौरान कैमरे की निगरानी में भी रहें, ताकि कार्य की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके. सेतु की स्थिति पर यह सतत निगरानी व्यवस्था आगामी समय तक जारी रहने की संभावना है.
मेंटेनेंस के लिए फंड की मांग, मुख्यालय को भेजा गया डिमांड पत्रविक्रमशिला सेतु के लिए आवश्यक राशि की मांग मुख्यालय से की गयी है. इस संबंध में आधिकारिक डिमांड पत्र मुख्यालय को भेजा है. मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक इस विषय में दो से तीन पत्र प्राप्त हो चुके हैं. लेकिन अब तक आवश्यक राशि जारी नहीं की गयी है. लेकिन, बताया जा रहा है कि जल्द ही राशि जारी की जा सकती है. दरअसल, सेतु के लिए लगातार खर्च हो रहा है. इसे देखते हुए अतिरिक्त फंड की आवश्यकता महसूस की जा रही है.
विक्रमशिला पुल पर मालवाहक वाहनों को निर्धारित समय में रोकने के लिए लगा बैरियर
विक्रमशिला पुल पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुल के समीप बैरियर लगाया गया है. यातायात थाना प्रभारी ने बताया कि दिन के समय मालवाहक वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए यह व्यवस्था की गयी है. उन्होंने कहा कि खास निर्धारित समय में भारी एवं मालवाहक वाहनों को पुल पार करने से रोका जायेगा, जिससे पुल वाहनों का दबाव कम होगा. साथ ही जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी. उन्होंने बताया कि दिन के समय मालवाहकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है.
रुक-रुककर लगता रहा जामविक्रमशिला पुल पर बने बेली ब्रिज पर वन-वे परिचालन के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी. हालांकि बुधवार से स्थिति सामान्य है. अब कभी कभार रुक-रुककर जाम लग रहा है.
सवारी गाड़ी नहीं मिलने से लोग परेशानदूसरी ओर सवारी गाड़ी नहीं मिलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गुरुवार को भी कुछ लोगों को पुल पैदल पार करते देखा गया है. यात्रियों ने बताया कि टोटो के परिचालन नहीं होने से सवारी गाड़ी की कमी हो गयी है. इसलिउ अधिक परेशानी हो रही है.
