फोर लाइन परियोजना की भेंट चढ़ा नवगछिया स्टेशन का अमृत भारत योजना का निर्माण कार्य,

Amrit Bharat Station Scheme नवगछिया रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत 22 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा आधुनिकीकरण कार्य अधर में लटक गया है. फोर लाइन परियोजना के कारण नया स्टेशन भवन, फुट ओवरब्रिज और लिफ्ट का निर्माण रुका हुआ है, जिससे यात्रियों को पिछले तीन सालों से परेशानी हो रही है.

Amrit Bharat Station Scheme: जिस नवगछिया रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाना था, वहां विकास कार्य अब तीन साल से अधूरा पड़ा है. करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला नया स्टेशन भवन, फुट ओवरब्रिज और लिफ्ट का निर्माण फोर लाइन (चौथी रेल लाइन) परियोजना के कारण रुक गया है. नतीजा यह है कि प्रतिदिन हजारों यात्रियों को अधूरी सुविधाओं के बीच सफर करना पड़ रहा है.

यात्रियों का कहना है कि जिस योजना से स्टेशन की तस्वीर बदलने की उम्मीद थी, वही अब लंबे समय से ठप पड़ी है. अधूरे निर्माण कार्य और बुनियादी सुविधाओं की कमी से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है.

अमृत भारत योजना से बदलेगी तस्वीर, ऐसी थी उम्मीद

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नवगछिया रेलवे स्टेशन को आधुनिक रूप देने की योजना बनाई गई थी. परियोजना में नया स्टेशन भवन, आधुनिक फुट ओवरब्रिज, लिफ्ट और यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं का निर्माण शामिल था.

निर्माण कार्य प्लेटफॉर्म स्तर तक पहुंच चुका था. इसी दौरान नवगछिया-कटरिया रेलखंड पर प्रस्तावित फोर लाइन परियोजना सामने आई. इसके बाद दोनों परियोजनाओं के बीच समन्वय नहीं बन पाने के कारण स्टेशन पुनर्विकास का काम रोक दिया गया.

फोर लाइन परियोजना बनी सबसे बड़ी बाधा

जानकारी के अनुसार स्टेशन के दक्षिणी हिस्से से फोर लाइन गुजरने का प्रस्ताव है. हाल के दिनों में रेलवे के इंजीनियरों की टीम ने स्टेशन परिसर में मापी भी की है. हालांकि नई रेल लाइन के अंतिम स्वरूप पर स्पष्टता नहीं होने से स्टेशन के निर्माण कार्य को आगे नहीं बढ़ाया जा सका.

यही वजह है कि पिछले तीन वर्षों से करोड़ों रुपये की परियोजना अधूरी पड़ी हुई है.

यात्रियों को रोजाना झेलनी पड़ रही परेशानी

निर्माण कार्य रुकने का सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है. प्लेटफॉर्म संख्या-एक पर शौचालय के सामने खोदा गया बड़ा गड्ढा अब भी जस का तस है, जिससे यात्रियों को आने-जाने में दिक्कत होती है.

इसके अलावा प्लेटफॉर्म का शेड हटाए जाने के बाद यात्रियों को धूप, बारिश और उमस भरे मौसम में खुले आसमान के नीचे ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है. बरसात के दिनों में यह परेशानी और बढ़ जाती है.

स्थानीय लोगों ने उठाए योजना पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि फोर लाइन परियोजना पहले से प्रस्तावित थी तो स्टेशन पुनर्विकास की योजना उसी के अनुरूप तैयार की जानी चाहिए थी. उनका मानना है कि बेहतर समन्वय होता तो करोड़ों रुपये की परियोजना बीच में नहीं रुकती और यात्रियों को वर्षों तक परेशानी नहीं झेलनी पड़ती.

यात्री सलाहकार समिति ने की जल्द समाधान की मांग

नवगछिया स्टेशन यात्री सलाहकार समिति के सदस्य मुकेश राणा ने कहा कि फोर लाइन परियोजना और अमृत भारत स्टेशन योजना के बीच समन्वय की कमी का नुकसान आम यात्रियों को उठाना पड़ रहा है.

उन्होंने रेल प्रशासन से दोनों परियोजनाओं के बीच जल्द तालमेल स्थापित कर रुके हुए निर्माण कार्य को फिर से शुरू करने की मांग की है, ताकि स्टेशन को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें.

Amrit Bharat Station Scheme: हजारों यात्रियों की उम्मीदें अधूरी

नवगछिया रेलवे स्टेशन क्षेत्र का प्रमुख रेलवे स्टेशन है, जहां से प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से स्टेशन पर कोई बड़ा विकास कार्य पूरा नहीं हो पाया है. ऐसे में अमृत भारत योजना के तहत रुकी परियोजना को जल्द पूरा किया जाना जरूरी है, ताकि यात्रियों को आधुनिक और सुरक्षित सुविधाएं मिल सकें.

अब लोगों की निगाहें रेल प्रशासन पर टिकी हैं कि फोर लाइन परियोजना की बाधा कब दूर होगी और नवगछिया स्टेशन का अधूरा विकास कार्य दोबारा कब शुरू होगा.

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Author: Vipin Thakur

Published by: Pratyush Prashant

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