सोनपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अमित सरन के निरीक्षण के बाद नवगछिया रेलवे स्टेशन के विकास को लेकर उम्मीद जगी है. सोनपुर-बरौनी व बरौनी-कटिहार रेलखंड के निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने संकेत दिया कि आने वाले समय में इस रूट पर चार लाइन (फोर ट्रैक) बनने से रेलवे की क्षमता दोगुनी हो जाएगी, जिससे नवगछिया स्टेशन का महत्व बढ़ जायेगा. डीआरएम ने थाना बिहपुर, खरीक, उमेश नगर होते नवगछिया स्टेशन का गहन जायजा लिया. नवगछिया में प्लेटफॉर्म, पैनल रूम, सिग्नलिंग व्यवस्था और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विकास कार्य गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरे किये जाएं. उन्होंने बताया कि नवगछिया स्टेशन पर प्लेटफॉर्म विस्तार और अन्य कई कार्य प्रगति पर हैं, जिन्हें और तेज गति से पूरा करने का निर्देश दिया गया है. हालांकि नया स्टेशन भवन फिलहाल रुका है. इसका कारण बड़ी योजना बरौनी से कटिहार तक फोर लाइन ट्रैक निर्माण है. परियोजना पूरी होने के बाद नये भवन का निर्माण कार्य गति पकड़ेगा. उन्होंने कहा कि चार लाइन ट्रैक बनने की प्रक्रिया लंबी है और इसमें चार से पांच वर्ष का समय लग सकता है. फिलहाल बरौनी से बछवाड़ा तक फोर लाइन का काम चल रहा है, जो इस वर्ष के अंत तक पूरा होने की संभावना है. बरौनी से नवगछिया होते कटिहार तक का प्रस्ताव रेलवे मंत्रालय के पास विचाराधीन है.
लंबित कार्यों पर दिखी सख्ती
प्लेटफॉर्म संख्या-1 के पास लिफ्ट और एस्केलेटर के लिए दो साल पहले खोदे गये गड्ढे पर डीआरएम ने कहा कि पूर्व योजना में बदलाव और फोर लाइन ट्रैक प्रस्ताव से कार्य अटक गया. उन्होंने आश्वस्त किया कि यह मामला मुख्यालय के संज्ञान में है और जल्द समाधान निकाला जायेगा.स्थानीय समस्याओं पर चर्चा
निरीक्षण में डीआरयूसीसी सदस्य कुमार मिलन सागर ने डीआरएम से छह जोड़ी महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग की. पूर्वी केबिन के पास ओवरब्रिज बनने के बाद केबिन बंद होने से हो रही परेशानियों को उठाया. आजाद हिंद मोर्चा के राजेंद्र यादव ने भी स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से रखा. डीआरएम ने सभी मुद्दों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया.
यात्रियों को मिलेगा लाभ
रेलवे अधिकारियों के अनुसार फोर लाइन ट्रैक बनने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, लेट-लतीफी कम होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी. नवगछिया स्टेशन भविष्य में एक महत्वपूर्ण रेलवे हब के रूप में विकसित हो सकता है. यह स्टेशन क्षेत्र के विकास की नयी धुरी बन सकता है.
