भागलपुर के एनजीओ संचालित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती मरीज की संदिग्ध परिस्थिति में मौत, हंगामा

भागलपुर के एनजीओ संचालित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती मरीज की संदिग्ध परिस्थिति में मौत, हंगामा

इशाकचक थाना क्षेत्र के भोलानाथ पुल के समीप एनजीओ संचालित नशा मुक्ति केंद्र में सोमवार सुबह भर्ती मरीज अमरेश कुमार (39) की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गयी. अमरेश मधेपुरा जिला के ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र के रामनगर के रहनेवाले थे. पांच दिन पूर्व 25 जून को ही पति के शराब पीने की लत से परेशान उनकी पत्नी खुशी गुप्ता ने उन्हें नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था. मौत के बाद मृतक की पत्नी और मृतक के भाई-भाभी पक्ष के लाेगों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया. पत्नी ने एक तरफ मौत के कारणों के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं होने की बात कही. तो दूसरे पक्ष से मृतक के भाई ब्रजेश और भाभी आरती ने अमरेश की पत्नी पर ही आरोप लगाते हुए हत्या करवाने का आरोप लगाया. नशा मुक्ति केंद्र के बाहर चल रहे हाई वोल्टेज ड्रामा की सूचना इशाकचक पुलिस को दी गयी. इशाकचक पुलिस सहित विधि व्यवस्था इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे. शव को पहले मायागंज अस्पताल भेजवाया. वहां से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. चार डॉक्टर के विरुद्ध केस दर्ज इशाकचक स्थित नशा मुक्ति केंद्र में सोमवार सुबह हुए मधेपुरा निवासी अमरेश कुमार की मौत के मामले में पुलिस ने लिखित आवेदन के आधार पर हत्या की धारा में केस दर्ज किया है. मामले में दिये गये आवेदन में कहा गया है कि विगत 25 जून को अमरेश कुमार को चार चिकित्सकों के सुपुर्द कर नशा मुक्ति केंद्र में छोड़ा गया था. रविवार शाम के वक्त आने पर नशा मुक्ति केंद्र के चिकित्सकों ने शाम का बहाना देकर उन्हें अमरेश से नहीं मिलने दिया. इसके बाद सोमवार को फोन कर जानकारी दी कि अमरेश को सदर अस्पताल ले जाया गया. जहां वे लोग सदर अस्पताल पहुंचे तो वहां जानकारी मिली कि एक अज्ञात शव को मायागंज अस्पताल भेजा गया है. मायागंज अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने अमरेश को मृत अवस्था में पाया. परिजनों ने मामले में सभी चिकित्सक जिसमें ज्ञानरंजन कुमार, सीके सिंह, मो अफरोज और सुमित कुमार को नामजद आरोपित बनाया है. थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर अग्रतर कार्रवाई की जा रही है.

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