bhagalpur news. माता सीता ने प्रभु राम के गले में वरमाला डाली, देवताओं ने की पुष्प वर्षा

गोशाला परिसर में आयोजित श्रीराम कथा के छठे दिन गुरुवार को राम-सीता विवाह प्रसंग पर आमड़ापाड़ा, झारखंड के कथावाचक पंडित रविशंकर ठाकुर ने प्रवचन किया.

गोशाला परिसर में आयोजित श्रीराम कथा के छठे दिन गुरुवार को राम-सीता विवाह प्रसंग पर आमड़ापाड़ा, झारखंड के कथावाचक पंडित रविशंकर ठाकुर ने प्रवचन किया. श्रद्धालु विवाह प्रसंग को सुनकर भाव-विभोर हो उठे. कथा स्थल पर भी कथा सुन लोग पुष्प वर्षा करने लगे. सब अपनी ओर से सीता माता के लिए उपहार देने लगे. कथावाचक ने कहा कि राजा जनक के दरबार में भगवान शिव का धनुष रखा हुआ था. राजा ने प्रतिज्ञा की थी कि जो इस धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ायेगा, उसी से सीता का विवाह होगा. स्वयंवर में गुरु की आज्ञा से श्रीराम धनुष उठा प्रत्यंचा चढ़ाने लगे तो वह टूट गया. इसके बाद धूमधाम से सीता व राम का विवाह हुआ. माता सीता ने जैसे प्रभुराम को वर माला डाली वैसे ही देवतागण उन पर फूलों की वर्षा करने लगे. आयोजन में संरक्षक विनोद अग्रवाल, विकास बुधिया, राजेश खेतान, चिंटू अग्रवाल, बसंत जैन, हरि खेतान, अलका खेतान, मनीषा अग्रवाल, रजनी बुधिया, खुशबू खेतान और बबीता अग्रवाल का योगदान रहा. भजन के साथ रामलीला हुआ जीवंत श्री रामलीला के छठे दिन श्वेता सुमन द्वारा रचित व निर्देशित रामलीला में प्रभु वन की ओर सीता व लखन के साथ चले गये. अयोध्यावासी सियाराम के पीछे भजन गाते हुए जाने लगे, तो पूरा प्रसंग जीवंत हो उठा. प्रभु राम की भूमिका में सुदामा पांडे, सीता की भूमिका में श्वेता सुमन, मंथरा आशीष, भरत शिवम, सूत्रधार प्रतीक्षा श्रेया, प्राची, अविनाश, पीयूष आदि कलाकारों ने सभी दृश्य को मंच पर जीवंत कर दिया.

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By NISHI RANJAN THAKUR

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