Drinking Water Crisis : भागलपुर जिले के शाहजंगी पंचायत के वार्ड संख्या-6 स्थित मोहद्दीनपुर गांव में हर घर नल-जल योजना पूरी तरह विफल होती नजर आ रही है. पिछले कई महीनों से पेयजल आपूर्ति ठप रहने के कारण ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को पीने के पानी के लिए रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हालात इतने खराब हैं कि कई परिवार जमीन में गड्ढा खोदकर पानी निकालने को मजबूर हैं. इससे जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है.
पेयजल संकट से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना के तहत बनी पानी की टंकी से नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है. पानी के अभाव में लोगों को दूर-दराज के चापाकलों का सहारा लेना पड़ रहा है. पीने से लेकर घरेलू उपयोग तक के लिए पानी जुटाना रोज की चुनौती बन गया है. लोगों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है.
जलापूर्ति में लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने पंप संचालक मोहम्मद तबरेज पर आरोप लगाया है कि वह नियमित रूप से पानी की आपूर्ति नहीं करते और कुछ चुनिंदा इलाकों में ही पानी छोड़ते हैं. ग्रामीण मोहम्मद फिरोज और मोहम्मद आतिफ ने बताया कि शिकायत करने पर पंप संचालक अभद्र व्यवहार करता है और यह कहकर धमकी देता है कि "जहां जाना है जाओ, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता."
पीएचईडी को कई बार दी गई शिकायत
मुखिया प्रतिनिधि मोहम्मद सिराज ने बताया कि इस समस्या की जानकारी कई बार पीएचईडी विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. विभागीय उदासीनता के कारण ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है और योजना सिर्फ कागजों तक सीमित दिखाई दे रही है.
गंदे पानी से बीमारी का बढ़ा खतरा
गड्ढों और असुरक्षित स्रोतों से पानी लेने के कारण गांव में डायरिया, टाइफाइड और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो स्वास्थ्य संबंधी गंभीर संकट खड़ा हो सकता है.
ग्रामीणों ने आंदोलन की दी चेतावनी
आक्रोशित ग्रामीणों और महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो वे पीएचईडी विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि नियमित और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति चाहिए. प्रशासन यदि समय रहते समाधान नहीं करता है तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
