जाम नहीं होता, तो बच सकती थी प्रह्लाद दास की जान

जाम नहीं होता, तो बच सकती थी प्रह्लाद दास की जान

– घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था मृतक, दो पत्नी है इशीपुर बाराहाट थानाक्षेत्र में सीमानपुर और पसाहीचक के बीच एनएच पर शनिवार शाम हुए सड़क हादसे के मृतक प्रह्लाद दास का पोस्टमार्टम करवाया गया. इशीपुर बाराहाट के पसाहीचक के रहने वाले थे. मायागंज अस्पताल में हुई मौत के बाद बरारी पुलिस ने मृतक के परिजनों का बयान दर्ज किया.पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों ने बताया कि शाम करीब छह बजे बाइक से वह अपनी दूसरी पत्नी सूपनखा देवी से मिलने शेरमारी जाने के लिए निकला था. सामने से आ रही बाइक और उसकी बाइक के बीच टक्कर हो गयी. जिसमें प्रह्लाद सहित दूसरी बाइक पर सवार तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये. सूचना पर इशीपुर बाराहाट पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की. जख्मियों को इलाज के लिए पीरपैंती रेफरल अस्पताल भेज दिया. प्रारंभिक इलाज के बाद डाक्टर ने मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया. पीरपैंती से रात आठ बजे मायागंज अस्पताल के लिए निकले, लेकिन घोघा में दो घंटे से अधिक देर के लिए एंबुलेंस जाम में फंसी रही. इसकी वजह से अस्पताल पहुंचने में रात 12 बज गया. जहां डाक्टर ने प्रहलाद को मृत घोषित कर दिया. स्वजनों का कहना था कि यदि समय से अस्पताल पहुंच जाते तो प्रहलाद की जान बचाई जा सकती थी. जाम में फंसने की वजह से रास्ते में उसने दम तोड़ दिया. घटना की मृतक की पहली पत्नी सरोजनी देवी के बयान दर्ज कराया गया है. दोनों पत्नी पोस्टमार्टम के दौरान मेडिकल कालेज में मौजूद थीं. प्रहलाद को पहली पत्नी से तीन पुत्री और दूसरी पत्नी से एक पुत्र है. जबकि दूसरी पत्नी अभी आठ माह गर्भवती है.

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