Bhagalpur News: कजरैली में लहलहा रहे पपीते व स्ट्रॉबेरी की किसान सभा में लगेगी लाइव प्रदर्शनी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को होने वाली किसान सभा में लगने वाले प्रदर्शनी में नाथनगर के कजरैली का लाल मीठी स्ट्रॅबेरी, पपीता, जुकुनी आकर्षण का केंद्र रहेगा. कजरैली केलापुर निवासी किसान गुंजेश गुंजन ने खास व उत्तम क्वालिटी का पपीता और स्ट्रॉबेरी लगाया है.

– पीएम को मिठी स्ट्रॉबेरी चखाने का प्रयास करेंगे किसान

नमन कुमार चौधरी (नाथनगर) भागलपुर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को होने वाली किसान सभा में लगने वाले प्रदर्शनी में नाथनगर के कजरैली का लाल मीठी स्ट्रॅबेरी, पपीता, जुकुनी आकर्षण का केंद्र रहेगा. कजरैली केलापुर निवासी किसान गुंजेश गुंजन ने खास व उत्तम क्वालिटी का पपीता और स्ट्रॉबेरी लगाया है. जिसका रंग, स्वाद व आकार काफी अच्छी है. किसान गुंजेश को विश्वास है कि पीएम मोदी कजरैली के उक्त खास फल देख कर गदगद होंगे. गुंजेश ने बताया कि स्ट्रॉबेरी वैसे तो ठंडे प्रदेश का फल है पर उन्होंने भागलपुर के विपरीत जलवायु में इसका उत्पादन किया. यहां लगे स्ट्रॉबेरी का रंग गाढ़ा लाल, बड़ा साइज व स्वाद मीठा है जो ठंडे प्रदेश के अनुकूल जलवायु से भी अच्छी क्वालिटी का पैदावार है. उन्होंने बताया कि पीएम की सभा में उन्हें बिहार राज्य बागवानी मिशन द्वारा स्टॉल लगाने की चिट्ठी मिली है. वे अपने उत्पादित फलों का स्टॉल लगायेंगे. फल तोड़ कर नहीं बल्कि फल लगा जीवित पेड़ स्टाॅल में ले जाएंगे ताकि लोग लाइव देख सके. अच्छे से पैकेजिंग कर यहां के स्ट्रॉबेरी व पपीता गिफ्ट करने की भी कोशिश करेंगे.

मखाना, चाय, फल-सब्जी, कतरनी चावल का स्टाॅल लगाने का है निर्देश

बिहार के विभिन्न इलाकों में उत्पादन होनेवाले खास खाद्य व पेय पदार्थों की प्रदर्शनी हवाई अड्डे में लगायी जायेगी. इसको लेकर उद्यान निदेशालय द्वारा चिट्ठी जारी की गयी है. जिसमें खास खाने-पीने के सामान उत्पादन करनेवाले चुनिंदा किसानों को पीएम की सभा में प्रदर्शनी लगाने का निर्देश दिया गया है. उद्यान सह मिशन निदेशक अभिषेक कुमार ने चिट्ठी जारी कर मखाना के तीन स्टाॅल लगाने का निर्देश दिया है.

कजरैली की नर्सरी में तैयार पौधा ठंडे प्रदेश वाले पौधों की क्वालिटी से बेहतर

किसान गुंजेश गुंजन ने बताया कि कुछ साल से स्ट्राॅबेरी की खेती कर रहे हैं. पहले वो हिमाचल प्रदेश से तैयार पौधा मंगवाते थे पर इस बार कजरैली में खुद की नर्सरी में पौधा तैयार किये हैं. यहां तैयार पौधे के फल देने की क्षमता अधिक है. इस सीजन में 10 हजार पौधे तैयार किये गये हैं. अगले सीजन में 4-5 लाख पौधे तैयार करने का लक्ष्य है. एक एकड़ जमीन में स्ट्राॅबेरी की खेती की गयी है. गुंजेश ने बताया कि नयी तकनीक व पद्धति से खेती हो तो प्रतिकूल जलवायु वाली फसल की भी बिहार में अच्छी उपज हो सकती है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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