bhagalpur news. बच्चों को संस्कारित करने की प्रथम जिम्मेवारी अभिभावकों की है : न्यायाधीश

देवी अहिल्याबाइ होल्कर जन्म त्रिशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य पर सरस्वती विद्या मंदिर सबौर में गुरुवार को वार्षिकोत्सव उड़ान कार्यक्रम की शुरुआत की गयी

सबौर देवी अहिल्याबाइ होल्कर जन्म त्रिशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य पर सरस्वती विद्या मंदिर सबौर में गुरुवार को वार्षिकोत्सव उड़ान कार्यक्रम की शुरुआत की गयी. इस समारोह की मुख्य अतिथि न्यायाधीश कुमारी ज्योत्सना सब जज सह एसीजेएम भागलपुर रही. मुख्य अतिथि का स्वागत अंग वस्त्र देकर विद्यालय के प्राचार्य ने किया. विभाग प्रमुख ने विद्या भारती द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास की विस्तृत चर्चा की. लक्ष्मी नारायण ने नयी शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए आचार्य से सजग रहकर चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा. मुख्य अतिथि न्यायाधीश कुमारी ज्योत्सना ने परिवार को प्रथम पाठशाला कहते हुए अभिभावकों से आग्रह किया कि बच्चों को संस्कारित करने की उनकी प्रथम जिम्मेवारी है. उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मैं भी इसी विद्यालय से आठवीं से दसवीं तक की पढ़ाई पूरी की है और माता-पिता द्वारा दिए गए संस्कार ही है जो मैं आज न्यायाधीश की पद पर कार्यरत हूं. विद्यालय द्वारा उड़ान वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में बच्चों ने एक से बढ़कर एक गीत एवं नृत्य कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. नाटक बहन के भेंट ने तो सबको रोने पर मजबूर कर दिया. छठ के गीत जाट जातिन योग आदि अनेक कार्यक्रमों ने दर्शकों को झूमने को मजबूर कर दिया.

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By Atul kumar

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