– सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति के लिए प्रस्तावित अधिनियम में त्रुटि लेकर अतिथि शिक्षकों ने विवि में दिया धरना
सूबे के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति के लिए प्रस्तावित अधिनियम 2025 में संशोधन करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया में डोमिसाइल नीति का प्रावधान किये जाने सहित अन्य मांगों को लेकर टीएमबीयू अतिथि शिक्षक संघ ने बुधवार को विवि प्रशासनिक भवन में एक दिवसीय धरना दिया. संघ के अध्यक्ष डॉ आनंद आजाद ने प्रस्तावित अधिनियम में सुधार करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि लिखित परीक्षा की जगह यूजीसी मापदंड के अनुरूप नेट-पीएचडी समेत शोध पत्र तथा अनुभव को आधार बनाया जाये. अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष को बढ़ाकर 55 वर्ष हो. बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों में वर्षों से कार्यरत अतिथि शिक्षकों के सेवा समायोजन हेतु विशेष प्रावधान किये जाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि त्रुटिपूर्ण प्रस्तावित अधिनियम में संशोधन नहीं किया जाता है, तो ईद के बाद बिहार राज्य विश्वविद्यालय अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ के तत्वावधान में पटना में राज्यव्यापी आंदोलन किया जायेगा. मौके पर डॉ पवन कुमार, डॉ प्रियतम कुमार, डॉ किरण कुमारी, डॉ मधुलता कुमारी, डॉ स्वीटी कुमारी, डॉ अमिता सिन्हा, डॉ शशिमाला कुमारी, डॉ आरती वर्मा, डॉ आलोका कुमारी, डॉ अमित वर्मा, डॉ खालिदा नाज, डॉ मोहिनी कुमारी, डॉ नूरजहां आदि मौजूद थे.
सिंडिकेट सदस्यों ने मांग को बताया जायज
विवि के सिंडिकेट सदस्य डॉ केके मंडल व निर्लेश कुमार भी धरना में शामिल हुए. उन्होंने अतिथि शिक्षकों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि प्रस्तावित अधिनियम में व्यापक त्रुटियां है. इसमें संशोधन को लेकर की जा रही मांग पूर्णतः जायज है.
