bhagalpur news. कॉमर्शियल सिलिंडर आना हुआ बंद, रेस्टोरेंट में जमाखोर ब्लैक में बेच रहे

रसोई गैस सिंलिंडर सहजता से उपलब्ध नहीं होने से रेस्टोरेंट संचालक ब्लैक में मुंहमांगी कीमत चुका कर सिलिंडर खरीद रहे हैं.

रसोई गैस सिंलिंडर सहजता से उपलब्ध नहीं होने से रेस्टोरेंट संचालक ब्लैक में मुंहमांगी कीमत चुका कर सिलिंडर खरीद रहे हैं. इसका असर रेस्टोरेंट के डिश की कीमत चढ़ने और मेन्यू बदलने के रूप में देखा जा रहा है. कई भोजनालय व फुटपाथी दुकानों में सिलिंडर की बजाय कोयला का इस्तेमाल शुरू हो गया. बुधवार को कॉमर्शियल सिलिंडर के साथ घरेलू सिलिंडर को लेकर मारामारी जारी रही. डिलिवरी प्वाइंट व एजेंसी कार्यालय में उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही. लंबी कतार लगी रही. दिनभर कोई न कोई अपने सगे-संबंधी व एजेंसी से जुड़े पदाधिकारियों व कर्मचारी से पैरवी कराते रहे. भारत गैस से जुडी एजेंसी के मैनेजर इंदुभूषण झा ने बताया कि कॉमर्शियल सिलिंडर का आना पूरी तरह से बंद हो गया है, जो स्टाॅक में था, उसे होटल-रेस्टोरेंट व अन्य जुड़े लोगों को उपलब्ध कराया गया. घरेलू सिलिंडर की कोई किल्लत नहीं है. हां जो नियम बने हैं, उसके अनुसार उपभोक्ताओं को अनुपालन करना होगा. पहले 20 दिन की बाध्यता थी और अब नंबर लगाने की बाध्यता 25 दिन है. उन्होंने बताया कि जिनका नंबर लगा है, उन्हें भी तीन से पांच दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है. दरअसल उनके यहां जैसे 3000 लोगों का नंबर लगा हुआ है, लेकिन सिलिंडर 300 ही उपलब्ध है. ऐसे में सभी उपभोक्ता को उपलब्ध कराने में पांच दिन तक का समय लग जायेगा. वहीं एचपी गैस एजेंसी के संचालक राजीव तिवारी ने बताया कि उनके यहां एक सप्ताह के लगे नंबर वेंटिंग हैं. अब कॉमर्शियल सिलिंडर आना बंद हो गया. घरेलू सिलिंडर के लिए भी जो नियम है, उसका पालन करते हुए भी सामान्य तरह से सिलिंडर उपलब्थ कराना मुश्किल हो रहा है. फिर भी उपभोक्ताओं की मदद की जा रही है. जमाखोरों ने दुगुनी से अधिक कीमत पर बेचा कॉमर्शियल सिलिंडर एक रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि अभी तो कॉमर्शियल सिलिंडर है, लेकिन आगे कोयला को विकल्प बनाना होगा. 2010-11 रेस्टोरेंट खोले हैं, कभी ऐसी नौबत नहीं आयी. वहीं दूसरे होटल-रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि उनके यहां चाइनिज व तंदूर आइटम को सीमित कर दिया गया. साथ ही उनके यहां व अन्य रेस्टोरेंट में भी सामान्य स्थिति होने तक सभी डिश की कीमत 20 फीसदी तक बढ़ा दी गयी है. उन्हें ब्लैक में कॉमर्शियल सिलिंडर लेना पड़ा. आगे सोचना पड़ेगा. छोटे भोजनालय व फुटपाथी कारोबारियों ने सिलिंडर की बजाय कोयला का चूल्हा तैयार कर लिया. बढ़ी इंडेक्शन चूल्हा की बिक्री इलेक्ट्राॅनिक शोरूम के मैनेजर गंगा प्रसाद ने बताया कि अभी इंडेक्शन चूल्हा की बिक्री 15 फीसदी तक बढ़ गयी है. पहले इक्का-दुक्का होती थी. अभी 2500 से 4000 रुपये तक इंडेक्शन बिक रहे हैं. कई लोग खराब इंडेक्शन की मरम्मत कराने के लिए शोरूम पहुंच रहे हैं. जिले में रसोई गैस की नहीं है किल्लत : डीएम जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने बताया कि गत 10-11 दिनों से मध्य एशिया अवस्थित खड़ी देशों में उत्पन्न संकट के मद्देनजर जिले में रसोई गैस की किल्लत की अफवाह फैलायी जा रही है. जिले में रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है. भागलपुर के लोगों से अपील है कि ऐसे भ्रामक अफवाह पर ध्यान नहीं दें. बुधवार को सदर अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा भागलपुर के सभी गैस वितरक के साथ बैठक की गयी है. सभी वितरक द्वारा बताया गया कि गैस की कोई कमी नहीं है, न ही आपूर्ति की कोई समस्या है.

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By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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