bhagalpur news. किसलय कुशवाहा होंगे भागलपुर के नये नगर आयुक्त, नोटिफिकेशन जारी
नगर निगम भागलपुर के नये नगर आयुक्त के रूप में किसलय कुशवाहा की तैनाती की गयी है. सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को स्थानांतरण की अधिसूचना जारी की है.
नगर निगम भागलपुर के नये नगर आयुक्त के रूप में किसलय कुशवाहा की तैनाती की गयी है. सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को स्थानांतरण की अधिसूचना जारी की है. किसलय कुशवाहा वैशाली जिले के महुआ अनुमंडल पदाधिकारी के पद पर कार्यरत थे. वहीं, मौजूदा नगर आयुक्त शुभम कुमार को नालंदा जिले का उप विकास आयुक्त (डीडीसी) बनाया गया है. दोनों अधिकारियों के बीच अगले दो से तीन दिनों के अंदर प्रभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है. नये नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा के सामने शहर की विकास योजनाओं को निरंतरता देने और प्रशासनिक स्थिरता कायम रखने की चुनौती रहेगी. पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2023 से अब तक कोई भी नगर आयुक्त सात-आठ महीने से अधिक समय तक भागलपुर में नहीं रहे. इस अवधि में केवल ड. योगेश सागर का कार्यकाल लगभग एक वर्ष का रहा. उनके अलावा नीतीन कुमार सिंह, डॉ प्रीति और शुभम कुमार का कार्यकाल आठ महीने से कम रहा. शुभम कुमार के कार्यकाल में विकास को मिली गति 27 मई 2025 को भागलपुर नगर निगम में योगदान देने वाले शुभम कुमार का कार्यकाल करीब सात महीने का रहा. इस दौरान नगर निगम और मेयर के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला. उनके कार्यकाल में शहर के सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दिया गया. स्टेशन चौक के सौंदर्यीकरण, कई लंबित योजनाओं को स्वीकृति दिलाने और उन्हें धरातल पर उतारने के साथ-साथ लंबे समय से बंद पड़े प्याऊ का जीर्णोद्धार कर जलापूर्ति व्यवस्था बहाल की गयी. इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं पर कार्य आगे बढ़ाया गया. सफाई एजेंसियों को हटाने में हर कोई विफल नगर निगम में बीते कई वर्षों से तैनात सफाई एजेंसियों की कार्यशैली पर कोई ठोस नियंत्रण नहीं हो सका है. हालात यह है कि पिछले ढाई से तीन वर्षों के दौरान कई नगर आयुक्त आये और गये, लेकिन कोई भी सफाई एजेंसियों में बदलाव कराने में सफल नहीं हो पाये. इसका सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा. नगर सरकार ने कई बार सफाई एजेंसियों को हटाने की बात कही, हालांकि व्यावहारिक स्तर पर यह कदम नहीं उठाया जा सका. पूर्व नगर आयुक्त डॉ प्रीति ने अपने कार्यकाल के दौरान सफाई एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने तक की टिप्पणी फाइलों में दर्ज की थी, लेकिन उसका भी कोई असर नहीं दिखा.
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