Bhagalpur news जैविक पद्धति से संकर धान की खेती विषय का किसान पाठशाला

किसानों को रसायन मुक्त खेती के प्रति जागरूक करने तथा धान की उत्पादन क्षमता को जैविक तरीकों से बढ़ाने के उद्देश्य से प्रखंड के सिया पंचायत में जैविक पद्धति से संकर धान की खेती विषय पर किसान पाठशाला शुरू की

किसानों को रसायन मुक्त खेती के प्रति जागरूक करने तथा धान की उत्पादन क्षमता को जैविक तरीकों से बढ़ाने के उद्देश्य से प्रखंड के सिया पंचायत में जैविक पद्धति से संकर धान की खेती विषय पर किसान पाठशाला शुरू की गयी. यह कार्यक्रम कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण, भागलपुर के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें काफी संख्या में महिला किसानों ने भाग लिया. कार्यक्रम के पहले सत्र में जैविक विधियों से संकर धान की नर्सरी तैयार करने की जानकारी दी गयी. जैविक पद्धति से नर्सरी तैयार करने से न केवल मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, बल्कि बीमारियों व कीट प्रकोप की संभावना कम हो जाती है. प्रशिक्षण के दौरान बीज शुद्धीकरण के लिए गौमूत्र, नीमास्त्र, जीवाामृत, वर्मीवॉश आदि जैविक उत्पादों के उपयोग, जैविक कीटनाशकों से कीट नियंत्रण तथा नर्सरी में उपयोग किये जाने वाले पोषक तत्वों को देसी खादों से कैसे पूरा किया जाए इन विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गयी. पाठशाला में सुनीता देवी, बासमती देवी, काजल कुमारी, नीतू शुक्ला, चंद्रिका देवी, अंजलि कुमारी, भगवती देवी, शोभा कुमारी, छोटी कुमारी, रूबी कुमारी, मुन्नी कुमारी सहित कई महिला किसानों ने भाग लिया.

कोसी नदी में जलस्तर वृद्धि से रंगरा चौक प्रखंड के तीन गांवों में बाढ़ का कहर

कोसी नदी के जलस्तर में निरंतर वृद्धि से रंगरा चौक प्रखंड अंतर्गत मदरौनी, सधुआ और सहोड़ा गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने लगा है. बाढ़ के पानी ने इन गांवों की जीवनरेखा मानी जाने वाली संपर्क सड़कों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे स्थानीय लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित है.

मदरौनी गांव में स्थिति गंभीर

मदरौनी गांव की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बतायी जा रही है. गांव के भीतर बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. लगभग दो हजार से अधिक परिवारों का आवागमन पूरी तरह से बाधित है. गांव की मुख्य सड़क से गलियों तक पानी भर चुका है. ग्रामीणों को अपने घर से निकलने के लिए कई फीट पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे जान पर जोखिम बना हुआ है.

सधुआ और सहोड़ा गांव में भी परेशानी

सधुआ गांव से मुख्य सड़क तक जाने वाली सड़कों पर बाढ़ का पानी फैल चुका है. सड़कों पर जल जमाव से वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों को आवश्यक कामों के लिए भी बाढ़ के पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है. बाढ़ का पानी निचले हिस्से में बने सैकड़ों घरों में प्रवेश कर गया है. बाढ़ से बचने के लिए गांव के ग्रामीण ऊंची जगहों पर शरण ले रहे हैं.

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Published by: Jitendra tomar

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