Guru Purnima : गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को पवित्र गंगा नदी के तट पर स्थित तिनटंगा करारी के कबीर आश्रम में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया. इस अवसर पर आयोजित सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर सद्गुरु की वाणी का श्रवण किया तथा भजन-कीर्तन में शामिल होकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की.
सद्गुरु ही जीवन के सच्चे पथप्रदर्शक : ब्रह्मचारी रामदास
सत्संग को संबोधित करते हुए ब्रह्मचारी रामदास ने कहा कि गुरु वह दिव्य प्रकाश हैं, जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान, भक्ति और सत्य का मार्ग दिखाते हैं. उन्होंने कहा कि गुरु के चरणों में समर्पण ही जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही मनुष्य अपने जीवन को सफल, सार्थक और कल्याणकारी बना सकता है.
भजन-कीर्तन और कबीर वाणी से गूंजा आश्रम
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने सद्गुरु के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित कर अपनी आस्था व्यक्त की. पूरे आश्रम परिसर में कबीर वाणी, भक्ति गीतों और सत्संग की गूंज से आध्यात्मिक वातावरण बना रहा. श्रद्धालु पूरे समय भक्ति रस में डूबे नजर आए.
प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. आयोजकों ने गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए सद्गुरु के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया. श्रद्धालुओं ने सद्गुरु के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम अर्पित करते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव, भाईचारे और मानवता का संदेश फैलाने का संकल्प लिया.
