जेएलएनएमसीएच के डॉक्टरों को मिलेगा लेवल वन अल्ट्रासोनोग्राफी प्रशिक्षण

जेएलएनएमसीएच के डॉक्टरों को अब आधुनिक चिकित्सा तकनीक से जुड़ी नयी विशेषज्ञता हासिल करने का और अधिक अवसर मिलेगा.

भागलपुर से अतुल तिवारी की रिपोर्ट :

जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के डॉक्टरों को अब आधुनिक चिकित्सा तकनीक से जुड़ी नयी विशेषज्ञता हासिल करने का और अधिक अवसर मिलेगा. बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग की पहल के तहत संस्थान के एमबीबीएस चिकित्सकों को ‘लेवल वन’ अल्ट्रासोनोग्राफी का प्रशिक्षण दिया जायेगा. विभाग के अनुसार डॉक्टरों को अल्ट्रासोनोग्राफी की प्राथमिक तकनीकों में दक्ष बनाना है, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा सके.

चिकित्सकों के लिए उपयोगी

खासकर ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों के लिए यह प्रशिक्षण काफी उपयोगी साबित हो सकता है. इस प्रशिक्षण से न केवल डॉक्टरों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार और जांच सुविधा भी मिल सकेगी.

थ्योरी और लैब के माध्यम से दी जायेगी जानकारी

जानकारी के अनुसार इसके लिए आठ सीटों की मान्यता मिली है. सीटों का निर्धारण मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में कार्यरत शिक्षकों की संख्या के आधार पर किया गया है. निर्देश दिया गया है कि प्रशिक्षण रेडियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष या प्रसूति व स्त्री रोग विभाग के विभागाध्यक्ष की देखरेख में दिया जायेगा. इस दौरान डॉक्टरों को थ्योरी और लैब के बारे में जानकारी दी जायेगी.

प्रशिक्षण के बाद दिया जायेगा प्रमाण पत्र

विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार कार्यक्रम के तहत कुल सीटों का 50 प्रतिशत बिहार स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारियों के लिए आरक्षित रहेगा. वहीं, 25 प्रतिशत सीटें उन चिकित्सकों को दी जायेंगी जो पूर्व में पंजीकृत थे, लेकिन दक्षता परीक्षा में सफल नहीं हो सके थे और शेष 25 प्रतिशत सीटें नीट पीजी प्रवेश की योग्यता रखने वाले नये आवेदकों के लिए निर्धारित की गयी है. बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम की कुल अवधि तीन सौ घंटे है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सफल अभ्यर्थियों को चिकित्सा शिक्षा निदेशक (स्वास्थ्य विभाग) की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा. बताया कि पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम की आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय पटना को सौंपी गयी है.

स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से भागलपुर समेत आसपास के जिलों में अल्ट्रासाउंड जांच से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है. प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी. साथ ही सरकारी और निजी अस्पतालों में योग्य अल्ट्रासोनोग्राफी विशेषज्ञों की उपलब्धता भी बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा.

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