Bhagalpur news खरीक में जलसा आज, दस्तारबंदी की तैयारी शुरू

गोट खरीक पंचायत अंतर्गत उर्दू चौक के समीप मदरसा इमदादिया में गुरुवार से शुक्रवार तक जलसा होगा. सफल संचालन को लेकर आयोजन कमेटी आवश्यक तैयारी शुरू कर दी है.

गोट खरीक पंचायत अंतर्गत उर्दू चौक के समीप मदरसा इमदादिया में गुरुवार से शुक्रवार तक जलसा होगा. सफल संचालन को लेकर आयोजन कमेटी आवश्यक तैयारी शुरू कर दी है. मौके पर दस्तारबंदी होगी. जलसा में मशहूर उलमा-ए-किराम और सम्मानित अतिथि शिरकत करेंगे. जलसा में मुख्य अतिथि खुसुसी, हजरत मौलाना सोहराब साहब कोलकतवी और हजरत मौलाना अमानुल्लाह साहब चतुर्वेंदी शामिल रहेंगे. जलसे में तालीम, इस्लामी रहनुमाई और दस्तारबंदी की रस्म अदा की जायेगी. कमेटी ने सभी अकीदतमंदों से गुजारिश की है कि महफिल में शामिल होकर अपनी मौजूदगी से इसे कामयाब बनाएं. जानकारी हाजी इस्लाम साहब, अतहर आलम, कारी कलीमुद्दीन, मौलाना गुलाम सरवर साहब, मौलाना मो एहसानुल हक कासमी साहब, कारी मो नासिर हनफी साहब, आजाद अंसारी समेत मदरसा कमेटी के सदस्यों ने दी.

शोभायात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ

कहलगांव शहर के शीतल नगर स्थित महेंद्र नाथ महादेव मंदिर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, मंदिर से प्रारंभ होकर ब्लॉक रोड, स्टेशन चौक होते हुए सतीघाट पहुंची. जहां श्रद्धालुओं ने पवित्र जल भरकर पुनः महेंद्र नाथ महादेव मंदिर में समर्पित किया. पूरे मार्ग में श्रद्धालु “हर हर महादेव ” के जयघोष के साथ आगे बढ़ते रहे. आयोजन समिति के अनुसार सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में प्रतिदिन संध्या 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक श्रद्धालु स्वामी श्री मधुसूदन आचार्य जी महाराज के आध्यात्मिक प्रवचनों का लाभ उठा सकेंगे. इस पावन अवसर पर अमरदीप कुशवाहा सपत्नीक, जय प्रकाश सिंह सपत्नीक एवं राघवेंद्र जी यजमान के रूप में उपस्थित रहे. देर शाम स्वामी श्री मधुसूदन आचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचनों से भक्तों को आध्यात्मिक लाभ प्रदान किया.

विक्रमशिला महाविहार विदेशी सैलानियों से हुआ गुलजार

कहलगांव विक्रमशिला महाविहार परिसर बुधवार को विदेशी सैलानियों से गुलजार हुआ. आरवी क्लब पांडव क्रूज से कोलकाता से वाराणसी की जल यात्रा के क्रम में 23 सैलानियों का जत्था बटेश्वर स्थान पहुंचा. ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम, बुल्गारिया एवं जर्मन देशों के सैलानियों ने बटेश्वर स्थान के बटेश्वर पहाड़ी पर पत्थर पर उत्कीर्ण चलचित्र जैसी गतिशील मूर्तियों को निहारा. उसके बाद सड़क मार्ग से विदेशी सैलानियों ने ग्रामीण परिवेश को रूबरू करते विक्रमशिला महाविहार पहुंच महाविहार का अवलोकन किया. साथ चल रहे गाइड दीपक मिश्रा ने पर्यटकों को विक्रमशिला के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के बारे में बताया. जर्मन के माइकल और बरबरा ने कहा कि उन्हें भरोसा नहीं हो रहा है कि इतना पुराना सभ्यता और विश्व का सबसे पुराना यूनिवर्सिटी भारत में था. यूनाइटेड किंगडम के जॉर्ज एंथोनी, वेंडी अन्ना ने कहा इसे हेरिटेज साइट में होना चाहिए. वहीं मथुरापुर डीएवी स्कूल के स्कूली परिभ्रमण करने आए बच्चों से राष्ट्रीय गीत को भी सुना.

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By Prabhat Khabar News Desk

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