नवगछिया घाट ठाकुरवाड़ी मे चल रहे 51वां श्री रामचरितमानस नवाह पारायण एवं श्रीराम कथा की अमृत वर्षा के पांचवें दिन प्रयागराज से आए स्वामी विनोदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि जो पति को पतन से बचावे वहीं पत्नी है. जब कर्म का थप्पड़ पड़ता है तो बड़े-बड़े लोग सही हो जाते हैं. कहा कि जिसके बिना हम जीवित नहीं रह सकते वही धर्म है. जिस धर्म की रक्षा हम करते हैं वही धर्म हमारी रक्षा करता है. बिन बुलाए जिस दिन संत महात्मा हमारे घर पर आ जाएं तो समझ लो हमारा मंगल हो गया. आशीर्वाद ऐसा है जो मांगने से नहीं मिलता. वह अधिकार है जो अपने आप मिल जाता है. मन से तेज चलने वाला कोई साधन नहीं है, तुझे देख के दिल भरता ही नहीं अब जाऊं कहां मैं सांवरिया… राघव को मैं ना दूंगा हे मुनीनाथ मरते मरते आदि भजनों से राम भक्त भक्ति रस में डूब रहे थे. मीडिया प्रभारी अशोक केडिया ने बताया कि राम कथा के पांचवें दिन राम कथा सुनने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही थी. आयोजन को सफल बनाने में समिति के शिव जायसवाल, बनवारी पंसारी, मीडिया प्रभारी अशोक केडिया, अरुण यादुका, संतोष भगत, सन्तोष यादुका, अनिल भगत, विशाल चिरानिया, नरसिंह चिरानिया, किशन याहुका, प्रवीण भगत, अजय भगत, विनीत खेमका, कंचन खेमका, आनंद केडिया, पप्पू केडिया, शंकर चिरानिया, श्रवण केडिया, कन्हैया केडिया, आयुष खेमका, कैलाश अग्रवाल, अनिल चिरानियां आदि लगे हुए हैं.
bhagalpur news. जो पति को पतन से बचावे वही पत्नी है - स्वामी विनोदानंद सरस्वती
नवगछिया घाट ठाकुरवाड़ी मे चल रहे 51वां श्री रामचरितमानस नवाह पारायण एवं श्रीराम कथा की अमृत वर्षा के पांचवें दिन प्रयागराज से आए स्वामी विनोदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि जो पति को पतन से बचावे वहीं पत्नी है
