सुलतानगंज नप के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की हत्या के बाद बुधवार को सुलतानगंज में पुलिस और प्रशासनिक हलचल तेज रही. स्थानीय पुलिस के साथ वरीय अधिकारी और आपराधिक अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की टीम भी जांच में जुट गयी है. वारदात के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने मुख्य आरोपित रामधनी यादव को मुठभेड़ में मार गिराया. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि घटना के पीछे किन-किन लोगों की साजिश थी और अपराधियों का नेटवर्क कितना बड़ा है. एनकाउंटर और हत्याकांड की जांच के लिए सीआईडी के डीआइजी जयंत कांत, एसपी, डीएसपी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. टीम ने नप कार्यालय के अंदर और बाहर के हिस्सों का निरीक्षण किया. सीसीटीवी फुटेज, गोली के खोखे, प्रवेश और निकास मार्ग सहित हर पहलू को ध्यान में रखते हुए क्राइम सीन को रीक्रिएट करने का प्रयास किया गया. वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटा कर उन्हें सुरक्षित किया गया, ताकि जांच को मजबूत आधार मिल सके. डीआइजी ने भागलपुर सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह और प्रशिक्षु आइपीएस सह थानाध्यक्ष सायम रजा से घंटों पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने मीडिया के सामने कुछ भी कहने से परहेज किया और सिर्फ इतना कहा कि मामला अभी अनुसंधान के अधीन है. मुख्य आरोपित का शव उसके आवास पहुंचने के दौरान भी प्रशासनिक सतर्कता देखने को मिली. कई वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और एनकाउंटर स्थल व नप कार्यालय का निरीक्षण कर अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. मंगलवार को नप में घटी घटना का पुलिस पदाधिकारी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है, जिसमें तीन नामजद और छह अज्ञात आरोपियों को शामिल किया गया है. अज्ञात आरोपितों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है. पुलिस प्रशासन का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जायेगा.
Bhagalpur news ईओ हत्याकांड में जांच तेज, सीआईडी ने खंगाले सबूत
सुलतानगंज नप के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की हत्या के बाद बुधवार को सुलतानगंज में पुलिस और प्रशासनिक हलचल तेज रही.
