bhagalpur news. फिर से गंगा तटों पर नियमित दिखने लगे इंडियन स्कीमर

पिछले 20 सालों से भागलपुर व आसपास गंगा के किनारे विलुप्त हो चुका इंडियन स्कीमर पक्षी एक बार फिर गंगा तटों पर नियमित रूप से दिखने लगा है.

पिछले 20 सालों से भागलपुर व आसपास गंगा के किनारे विलुप्त हो चुका इंडियन स्कीमर पक्षी एक बार फिर गंगा तटों पर नियमित रूप से दिखने लगा है. इससे पक्षीप्रेमियों में उत्साह का माहौल है. डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज तथा बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में हुई एशियाई जल पक्षी गणना या एशियाई वाटरबर्ड सेंसस में पहले बरारी घाट के निकट और फिर विक्रमशिला गांगेटिक डॉल्फिन रिजर्व एरिया में इंडियन स्कीमर नजर आया. युवा पक्षी विज्ञानी राहुल रोहिताश्व के नेतृत्व में टीम ने जब पक्षी गणना की, तो बरारी घाट पर चार स्कीमर मिले. विक्रमशिला गांगेटिक डॉल्फिन रिजर्व एरिया में इनका झुंड दिखा. उन्होंने बताया कि यह पक्षी लगभग 20 साल बाद फिर भागलपुर में दिखने लगे. यह गंगा नदी के सुधरते इकोसिस्टम का भी द्योतक है. उन्होने बताया कि इंडियन स्कीमर या भारतीय कैंची-चोंच पक्षी है. यह पक्षी पानी की सतह पर उड़ते हुए जलीय शिकार को पकड़ता है. यह दक्षिणी एशिया में पाया जाता है. जहां इसका आना छिटपुट है. इसकी संख्या लगातार घट रही है. ये काले, सफेद और नारंगी रंग के चमकीले धब्बों से बने होते हैं, जिससे इन्हें पहचानना आसान हो जाता है. भारतीय कैंची चोंच के नाम से भी जाना जाता है स्कीमर इस पक्षी के सिर पर काली टोपी और नारंगी चोंच होती है, जो सफेद शरीर के साथ विपरीत रंग बनाती है. अपने लंबे पंखों के कारण यह टर्न पक्षी जैसा दिखता है, जो लगभग 40-43 सेंटीमीटर लंबा होता है. इसके पंखों का फैलाव 108 सेंटीमीटर होता है. शरीर का ऊपरी भाग गहरा काला और निचला भाग सफेद होता है. सिर पर काली टोपी होने के कारण माथा और गर्दन सफेद रहते हैं. आमतौर पर बहुत शांत रहता है. पुराने समय में भारतीय स्कीमर पक्षी को भारतीय कैंची-चोंच के नाम से भी जाना जाता था. यह बड़ी नदियों और झीलों, दलदली और तटीय आर्द्रभूमि जैसे मुहानों में पाया जाता है. प्रजनन कॉलोनियां द्वीपों या रेतीले टीलों पर, आमतौर पर नदियों में होती हैं. हाल के दशक में इसका क्षेत्र तेजी से खंडित हो गया है. यह अभी भी पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में, कश्मीर की सिंधु नदी प्रणाली में और उत्तरी और मध्य भारत में गंगा के किनारे , बांग्लादेश और वर्मा में भी पाया जाता है. डाक विभाग समय-समय पर इंडियन स्कीमर पर जारी किया टिकट इंडियन स्कीमर पर डाक विभाग की ओर से समय-समय पर डाक टिकट जारी किया गया, ताकि इसे संरक्षित किया जा सके. 2016 में माघ मेला के दौरान विशेष स्पेशल कवर इलाहाबाद- प्रयागराज से जारी किया गया था. 2021 में काकीनाडा से इंडियन स्कीमर पर स्पेशल कवर जारी किया गया.

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By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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