bhagalpur news. 42 वर्ष पुराने मामले में कोर्ट ने वास्तविक मालिक को दिलाया कब्जा
भागलपुर व्यवहार न्यायालय में एक 43 वर्ष पुराने सिविल सूट के मामले में न्यायालय के आदेश पर वास्तविक मालिक को कब्जा दिलाया गया है.
भागलपुर व्यवहार न्यायालय में एक 43 वर्ष पुराने सिविल सूट के मामले में न्यायालय के आदेश पर वास्तविक मालिक को कब्जा दिलाया गया है. मामला बड़ी खंजरपुर धोबी टोला वार्ड नंबर 26 स्थित एक मकान का है. वर्ष 1983 से उक्त मकान के स्वामित्व को लेकर विवाद था. पिछले दिनों न्यायालय की सुनवाई पूरी हुई. कमलेश्वरी रजक को मकान का मालिक घोषित किया गया. फिर न्यायालय के आदेश पर शनिवार को पुलिस पदाधिकारी और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मकान पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों से मकान को मुक्त कराया गया. शुरुआत में मकान में रह रहे लोगों ने विरोध भी किया लेकिन समझाने बुझाने के बाद मकान में रह रहे लोगों ने घर खाली कर दिया. मकान को खाली कराने में पुलिस और प्रशासनिक टीम को चार से पांच घंटे का समय लगा.
अवैध कब्जा हटाने के दौरान सड़क पर लगा भीषण जाम, एंबुलेंस भी फंसी
शनिवार को दोपहर करीब ढ़ाई बजे मायागंज अस्पताल से वाया खंजरपुर भारत माता चौक की ओर जाने वाली सड़क पर भीषण जाम लग गया. जाम की स्थिति ऐसी रही कि दो एंबुलेंस आधे घंटे से अधिक समय तक सड़क पर फंसी रहीं. इसके अलावा आम लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. दरअसल, खंजरपुर वार्ड नंबर 26 के धोबी टोला में न्यायालय के आदेश पर बरारी थाना की पुलिस मजिस्ट्रेट की निगरानी में अवैध कब्जा किये गये घर को खाली करवा रही थी. इस दौरान पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां सड़क किनारे बड़ी संख्या में खड़ी कर दी गयी. इससे आवागमन बाधित हो गया. करीब एक घंटे से अधिक समय तक इस मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही. जाम के कारण मायागंज अस्पताल इलाज के लिए जाने वाले कई मरीज और उनके परिजन भी फंसे रहे. स्थानीय लोगों का कहना है कि शहरी क्षेत्र की अन्य सड़कों पर प्रतिदिन जाम लग रहा है. लेकिन इस पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. इस संबंध में यातायात पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि जाम की सूचना मिलते ही यातायात पुलिस की टीम को मौके पर भेजा जाता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
