bhagalpur news. पीजी विभागों के पास चॉक-डस्टर व झाड़ू तक खरीदने के नहीं हैं पैसे

टीएमबीयू के पीजी विभागों को तीन साल से कंटीजेंसी की राशि नहीं मिली है

टीएमबीयू के पीजी विभागों को तीन साल से कंटीजेंसी की राशि नहीं मिली है. नतीजतन विभागों के पास चॉक-डस्टर व झाड़ू खरीदने तक के पैसे नहीं है. हालांकि, कुछ विभागों को कंटीजेंसी का पिछले बकाया की राशि भेजी गयी है, लेकिन अधिकतर विभागों को यह राशि नहीं दी गयी है. कई विभागों के विभागाध्यक्षों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि विवि प्रशासन कुछ विभागों को छोड़ बाकी विभाग के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है. नाम नहीं छापने की शर्त पर पीजी विभाग के विभागाध्यक्षों ने बताया कि उनके विभाग को तीन साल से कंटीजेंसी की राशि नहीं दी गयी है. विभाग के शिक्षक चंदा कर बुनियादी जरूरी कार्य व साफ-सफाई कराते हैं. बताया जा रहा है कि वर्ष 2022-23, 2023-24 व 2024-25 के अंतर्गत राशि विवि से नहीं भेजी गयी है.

क्या है कंटीजेंसी की राशि

विवि के पूर्व अधिकारी ने बताया कि चॉक-डस्टर, साफ-सफाई, कागज व पठन-पाठन संबंधित सामग्री खरीदने के लिए विवि प्रशासन से हर माह विभाग को राशि प्रदान की जाती है. हालत यह है कि विभाग के पास झाड़ू खरीदने तक के पैसे नहीं है. बताया जा रहा है कि पूर्व के कंटीजेंसी के अनुसार साइंस संकाय के विभाग को पांच हजार के बदले 20 हजार व आर्ट्स संकाय के विषयों के विभाग को 2700 रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाता था, जो अब नहीं किया जा रहा है.

राशि बढ़ोतरी में एकरूपता लाने की मांग

विभागाध्यक्षों ने बताया कि साइंस संकाय के विभागाें को कंटीजेंसी की राशि के रूप में 20 हजार दिया जाता है. विवि प्रशासन से राशि बढ़ोतरी में एकरूपता लाने की मांग की है. आर्ट्स संकाय के विभागों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह बढ़ाया जायेगा, जबकि आर्ट्स संकाय के इतिहास, हिंदी, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, कॉमर्स आदि विषयों में साइंस की तुलना में सबसे अधिक छात्र-छात्राएं होते हैं. ऐसे में विभाग में बुनियादी सुविधा की जरूरत सबसे अधिक है. विवि प्रशासन उन विभागाें को नजर अंदाज कर रहा है.

कोट –

कंटीजेंसी की राशि व इंप्रेस मनी का पीजी विभागों में भुगतान नहीं किया जा रहा है, तो इस समस्या को दूर किया जायेगा. मामले का त्वरित गति से मामले का निष्पादन किया जायेगा. इस दिशा में रजिस्ट्रार को निर्देश दिया गया है.

प्रो विमलेंदु शेखर झा, प्रभारी कुलपति टीएमबीयू

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Author: ATUL KUMAR

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