ठंड का असर : हार्ट अटैक, स्ट्रोक व आंख के मरीज 20 फीसदी तक बढ़े
ज्यादा ठंड में शरीर के खून की नलियां सिकुड़ने लगी हैं. इससे शरीर में खून का बहाव धीमा होने से खून गाढ़ा होने की समस्या बढ़ गयी.
ज्यादा ठंड में शरीर के खून की नलियां सिकुड़ने लगी हैं. इससे शरीर में खून का बहाव धीमा होने से खून गाढ़ा होने की समस्या बढ़ गयी. हार्ट अटैक, स्ट्रोक व आंख संबंधी बीमारी के मरीज 20 फीसदी तक बढ़ गये हैं. एक ओर जहां इन मरीजों की संख्या बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर सामान्य मरीजों की संख्या अस्पताल में अचानक घट गयी. 50 फीसदी तक मरीजों की संख्या घटने से अस्पताल का ओपीडी खाली-खाली नजर आया. समय से पहले ही रजिस्ट्रेशन काउंटर खाली हो गया. मायागंज अस्पताल के ओपीडी में पांच जनवरी को 1619 मरीज पहुंचे थे, जबकि छह को 1436 और सात जनवरी को 1247 मरीज आये. हार्ट, स्ट्रोक, आंख, स्कीन, गठिया, सांस संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. वरीय चिकित्सक डॉ डीपी सिंह ने बताया कि ठंड में रक्त वाहिका सिकुड़ने लगती है. इससे रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है. ऐसे में खून गाढ़ा होने की परेशानी बढ़ती है. रक्तचाप बढ़ने और शरीर के अंग तक ऑक्सीजन कम पहुंचने लगते हैं. इससे थकान व सांस फूलने की समस्या होती है. कैंसर, स्मोकिंग जैसे कारणों से खून गाढ़ा होने लगता है. इस पर ध्यान नहीं देने से समस्या गंभीर हो सकती है. ठंड में शारीरिक सक्रियता बढ़ाने और हल्का व्यायाम करने की जरूरत है. खून गाढ़ा होने के कारण ब्रेन अटैक बढ़े हैं. हृदय रोग, सांस के मरीज को फ्लू अटैक से बचाव को लेकर इंफ्लूएंजा का टीका हर साल सितंबर व अक्तूबर में ले लेना चाहिए. ठंड में बेसलमेटाबोलिक रेट बढ़ता है. ऐसे में खानपान में फल व हरी सब्जियों को अधिक से अधिक शामिल करना चाहिए. दूसरे वरीय चिकित्सक डॉ विनय कुमार झा ने कहा कि ठंड में सिर्फ खांसी-जुकाम का खतरा ही नहीं होता, बल्कि खून गाढ़ा- डेन्सिटी बढ़ने होने का खतरा भी बना रहता है. इस समस्या को हाइपर कोएगुलेट एबिलिटी कहा जाता है. जिसमें खून की नसों में थक्के जमने लगते हैं. खून की कमी से टिश्यू डैमेज होने लगते हैं. इससे ब्लड प्रेशर हाई होने लगता है. उन्होंने कहा कि इस मौसम में हल्का गर्म पानी पीना चाहिए. अधिक से अधिक पानी सेवन करना चाहिए. इससे बीपी-शुगर कंट्रोल रहता है. खून गाढ़ा होने से हार्ट अटैक हो सकता है और आंख की नजर धुंधली हो सकती है. अभी इस तरह के मरीज 15 से 20 फीसदी तक बढ़ गये हैं. इस मौसम में कैसा हो खानपान खुद को एक्टिव रखने के लिए घर के अंदर गर्म रहें और खुद को हाइड्रेटेड रखें. मौसमी फल और सब्जियां खाएं, जैसे संतरा, पत्तेदार साग को भोजन में शामिल करें. विटामिन डी के लिए धूप का आनंद लें. शारीरिक रूप से सक्रिय रहें, और पर्याप्त नींद लें. गर्म तासीर वाले मसाले, अदरक, हल्दी और लहसुन को अपने आहार में शामिल करें. बाजरा, रागी और ज्वार जैसे अनाज ठंड के लिए अच्छे हैं. ड्राई फ्रूट्स, मूंगफली, तिल के लड्डू और हल्दी वाले दूध का सेवन करें. आयुर्वेदिक चिकित्सक डाॅ नीरज गुप्ता ने बताया कि खून गाढ़ा होने की समस्या को कुछ फूड्स खाकर कंट्रोल किया जा सकता है. हल्दी, अदरक, लहसुन, एलोवेरा और विटामिन ई वाले फूड्स में एंटी-कौगुलेंट गुण होते हैं. इससे खून को पतला करने में मदद करते हैं. खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं, तो इनका सावधानी से सेवन करना चाहिए. खून गाढ़ा होने के लक्षण -नजर धुंधली होना -चक्कर आना -त्वचा पर नीला निशान आना -पीरियड्स में अत्यधिक ब्लीडिंग होना -गठिया -सिरदर्द -हाई ब्लड प्रेशर -त्वचा पर खुजली -थकान रहना -सांस फूलना
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
