बूढ़ानाथ मंदिर के सामने आंधी में पेड़ का आधा हिस्सा टूटा, श्रद्धालुओं में भय का माहौल

भागलपुर. बाबा बूढ़ानाथ मंदिर के मुख्य द्वार के सामने स्थित एक पुराना विशाल पेड़ गंभीर खतरा बन गया है, जो कभी भी गिर सकता है. इससे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं, स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों की सुरक्षा पर लगातार संकट मंडरा रहा है.

भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट

भागलपुर. बाबा बूढ़ानाथ मंदिर के मुख्य द्वार के सामने स्थित एक पुराना विशाल पेड़ गंभीर खतरा बन गया है, जो कभी भी गिर सकता है. इससे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं, स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों की सुरक्षा पर लगातार संकट मंडरा रहा है. इस गंभीर स्थिति को लेकर स्थानीय प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है. बीते शुक्रवार को इस पेड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया था, जिससे आसपास मौजूद दुकानदार और लोग बाल-बाल बच गये थे. इसके बावजूद पेड़ का शेष हिस्सा अब भी अस्थिर स्थिति में खड़ा है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है.

रोजाना सैकड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही

बूढ़ानाथ मंदिर के मुख्य द्वार के ठीक सामने से रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु आते-जाते हैं. आसपास दुर्गा मंदिर सहित अन्य देवी-देवताओं के स्थान भी स्थित हैं, जिससे यह क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से अत्यंत व्यस्त रहता है. इसके अलावा बूढ़ानाथ पार्क और स्थानीय मंडी जाने का मुख्य मार्ग भी इसी रास्ते से होकर गुजरता है, जिसके कारण यहां आम लोगों की भी लगातार आवाजाही बनी रहती है.

स्थानीय दुकानदारों में गहरा आक्रोश

स्थानीय दुकानदारों में प्रशासन की उदासीनता को लेकर गहरा आक्रोश है. उनका कहना है कि कई बार शिकायत और गुहार लगाने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकाला गया. दुकानदारों ने बताया कि आंधी में पेड़ का बड़ा हिस्सा टूटने के बाद अब शेष हिस्सा और भी खतरनाक स्थिति में आ गया है. नेपाली महतो, शिवशंकर, रवि, विशाल और ओमप्रकाश मंडल सहित अन्य लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार बूढ़ानाथ प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को लिखित रूप से अवगत कराया, लेकिन कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित रह गई.

मंदिर प्रबंधन की प्रतिक्रिया

बूढ़ानाथ मंदिर के प्रबंधक बाल्मिकी सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन और वन विभाग को कई बार आवेदन देकर इस सूखे और खतरनाक पेड़ को हटाने की मांग की गई है. उन्होंने कहा कि हालिया आंधी में पेड़ का हिस्सा टूटने के बाद श्रद्धालुओं में भी चिंता बढ़ गई है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है.

पहले भी हो चुके हैं गंभीर हादसे

दो दिन पहले पुलिस लाइन के पीछे टोटो सवार एक महिला पेड़ गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गई थीं. घटना के बाद जिलाधिकारी डॉ. नवलकिशोर चौधरी स्वयं मौके पर पहुंचे थे और उनके निर्देश पर पीड़िता के इलाज की समुचित व्यवस्था कराई गई थी.

करीब सात साल पहले एसडीओ कार्यालय के सामने पेड़ गिरने की एक दर्दनाक घटना में दो सगे भाइयों की मौत हो गई थी. इसके अलावा शहर के कई अन्य इलाकों में भी पेड़ गिरने से लोग घायल हो चुके हैं और जानमाल का नुकसान हुआ है.

हाल की अन्य घटनाएं

लगभग 10 दिन पहले एसडीओ कार्यालय परिसर में एक बड़ा पेड़ आंधी के दौरान गिर गया था, जिससे बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त हो गई थी. सड़क पर पेड़ की भारी डालियां कई दिनों तक पड़ी रहीं, जिससे आवागमन बाधित रहा. बाद में प्रशासन द्वारा एक बड़ी डाली हटाकर रास्ता साफ किया गया, लेकिन इस तरह की घटनाएं लगातार प्रशासनिक तैयारी पर सवाल खड़े कर रही हैं.

ऐतिहासिक बूढ़ानाथ शिव मंदिर का महत्व

बूढ़ानाथ शिव मंदिर जोगसर-आदमपुर थाना क्षेत्र में गंगा नदी के तट पर स्थित है. यह मंदिर भागलपुर और पूर्वी बिहार के सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक शिव मंदिरों में गिना जाता है. सावन और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. यह मंदिर भागलपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 1.6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे यहां पहुंचना भी आसान है.

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