Bhagalpur News: जिले के 20 गांवों में बनेगा हाट, सीओ ने दी जमीन की एनओसी

जिले के 20 गांवों में मनरेगा हाट का निर्माण होगा. इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गयी है. संबंधित अंचल अधिकारियों ने जमीन की एनओसी भी दे दिया है.

प्रभात खास- मनरेगा योजना से होगा निर्माण, स्थानीय खुदरा खरीदारों व विक्रेताओं को होगा लाभ

संजीव झा, भागलपुर

जिले के 20 गांवों में मनरेगा हाट का निर्माण होगा. इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गयी है. संबंधित अंचल अधिकारियों ने जमीन की एनओसी भी दे दिया है. इस संबंध में डीडीसी ने मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सीओ के साथ स्थल भ्रमण के लिए तिथि निर्धारित करें. निर्धारित तिथि को कार्यक्रम पदाधिकारी, कनीय अभियंता, पंचायत तकनीकी सहायक, पंचायत रोजगार सेवक व मुखिया के साथ स्थलीय निरीक्षण करेंगे. इसके बाद उसी दिन भूमि का सीमांकन करायेंगे. सभी कार्यक्रम पदाधिकारी चयनित योजनाओं को मनरेगा सॉफ्ट पर दर्ज करायेंगे. यह भी निर्देशित किया गया है कि चयनित योजनाओं की तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर सुरक्षित रखेंगे, ताकि एक तिथि निर्धारित कर योजनाओं का कार्यारंभ जिलाधिकारी से कराया जायेगा.

कहां-कहां बनेंगे हाट

सुलतानगंज : नवादा पंचायत में शाहाबाद चौक के पास, महेशी पंचायत में पैन चौक के पास, धांधी बेलारी पंचायत के लखनपुर में, करहरिया पंचायत के करहरिया गांव में, खानपुर पंचायत के रतनपुर गांव में.शाहकुंड : किसनपुर अमखोरिया पंचायत के तीनबड़वा मोड़ के पास.

नाथनगर : गौराचौकी पंचायत के बहादुरपुर में.गोराडीह : विशनपुर जिच्छो पंचायत के पंचायत सरकार भवन के समीप.

जगदीशपुर : सन्हौली पंचायत के गोनूधाम मंदिर के समीप.सबौर : ममलखा पंचायत के पुस्तकालय के पास.

कहलगांव : नंदलालपुर बाजार.सन्हौला : सनोखर गांव.

पीरपैंती : श्रीमतपुर हुजूरनगर पंचायत के कामत टोला.नारायणपुर : शहजादपुर पंचायत के मछली हटिया पंचायत सरकार भवन के पास और सिंहपुर पूरब पंचायत में हाट.

बिहपुर : बिहपुर जमालपुर पंचायत में बिहार सरकार की जमीन.खरीक : खरीक बाजार के काली स्थान मंदिर के पास.

नवगछिया : खगड़ा पंचायत के थाना के पास.गोपालपुर : सुकटिया बाजार में बिहार सरकार की जमीन.

रंगराचौक : रंगरा पंचायत में सड़क किनारे काली स्थान के समीप.

खुला होगा बाजार, स्थानीय लोगों को लाभ

ग्रामीण हाट एक खुला बाजार की तरह होगा. यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादकों और खरीदारों के लिए एक व्यापारिक स्थल के रूप में कार्य करेगा. इसका उपयोग छोटे और सीमांत किसान, स्वयं सहायता समूह, खुदरा विक्रेता अपने अनाज, सब्जियां या अन्य स्थानीय उत्पाद बेचने के लिए करेंगे. यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण होगा. ग्राम पंचायत द्वारा प्रबंधित होगा. धूल व जलजमाव भरी जगहों से छुटकारा मिलेगा. बाजार पहुंचने का रास्ता सुगम होगा. शेड के अंदर व्यवसायी अपना सामान बेच सकेंगे.

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