पूर्वी बिहार की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, अगले मानसून से पहले खेतों तक पहुंचेगा गंगा का जल

भागलपुर के सुलतानगंज में 1627 करोड़ रुपये की गंगाजल लिफ्ट सिंचाई परियोजना का मुख्य अभियंता ने निरीक्षण किया. मानसून से पहले डी-वॉल निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए. परियोजना से भागलपुर, बांका और मुंगेर के किसानों को सिंचाई की बड़ी सुविधा मिलेगी.

सुलतानगंज (भागलपुर) से शुभंकर की रिपोर्ट.

Gangajal Lift Irrigation Project Bihar: पूर्वी बिहार के किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही 1627 करोड़ रुपये की गंगाजल लिफ्ट सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य अब तेजी से आगे बढ़ रहा है. जल संसाधन विभाग, भागलपुर के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) सोहेल अहमद ने शुक्रवार को कमरगंज स्थित परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को मानसून शुरू होने से पहले डी-वॉल का निर्माण हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया.

मुख्य अभियंता ने कहा कि बारिश के दौरान निर्माण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए समयबद्ध तरीके से सभी महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए जाएं.

इंटकवेल, गाइडवॉल और डी-वॉल का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर ने गंगा तट पर बन रहे इंटकवेल (जल उठाव केंद्र), गाइडवॉल और डी-वॉल निर्माण कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया. उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए.

70 किलोमीटर में से 24 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई

निर्माण एजेंसी के सहायक मैनेजर अतुल कुमार सिंह ने बताया कि परियोजना के तहत प्रस्तावित 70 किलोमीटर पाइपलाइन में से अब तक 24 किलोमीटर पाइप बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है.

उन्होंने बताया कि.

  1. डी-वॉल की कास्टिंग का कार्य तेजी से चल रहा है.
  2. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य में गति आई है.
  3. विभिन्न स्थानों पर एक साथ कार्य कराया जा रहा है.
  4. मुख्य अभियंता ने अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया है.

अगले वर्ष बारिश से पहले पूरा करने का लक्ष्य

जल संसाधन विभाग का लक्ष्य अगले वर्ष मानसून से पहले परियोजना के मुख्य निर्माण कार्य को पूरा करना है. परियोजना पूरी होने के बाद भागलपुर, बांका और मुंगेर जिले के किसानों को गंगा जल से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी.

परियोजना के तहत बाढ़ के दौरान गंगा के अतिरिक्त जल को संरक्षित कर बांका के बडुआ जलाशय और मुंगेर के खड़गपुर जलाशय तक पहुंचाया जाएगा, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि को सालभर सिंचाई का लाभ मिलेगा.

किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद

अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना केवल सिंचाई योजना नहीं, बल्कि पूर्वी बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाली पहल है.

परियोजना के पूरा होने से.

  1. सिंचाई की समस्या में कमी आएगी.
  2. फसल उत्पादन में वृद्धि होगी.
  3. किसानों की लागत घटेगी.
  4. कृषि आय बढ़ेगी.
  5. तिलहन, दलहन और नकदी फसलों का रकबा बढ़ेगा.

स्थानीय लोगों में बढ़ी उम्मीद

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन, किसानों और निर्माण एजेंसी के बेहतर समन्वय से वर्षों से लंबित यह परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ रही है. यदि वर्तमान गति बनी रही तो आने वाला वर्ष पूर्वी बिहार के किसानों के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है.

निरीक्षण के दौरान कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार, सहायक अभियंता रोशन कुमार तथा जल संसाधन विभाग एवं निर्माण एजेंसी के अन्य अधिकारी और अभियंता भी मौजूद रहे.

मुख्य बिंदु

  1. 1627 करोड़ रुपये की गंगाजल लिफ्ट सिंचाई परियोजना का चीफ इंजीनियर ने किया निरीक्षण.
  2. मानसून से पहले डी-वॉल निर्माण पूरा करने के निर्देश.
  3. 70 किलोमीटर में से 24 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है.
  4. इंटकवेल, गाइडवॉल और डी-वॉल निर्माण कार्य की समीक्षा.
  5. भागलपुर, बांका और मुंगेर के किसानों को मिलेगा लाभ.
  6. बाढ़ के अतिरिक्त गंगा जल का होगा उपयोग.
  7. परियोजना से कृषि उत्पादन और किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद.

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By Shubhanka Kumar

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